'चढ़ावा चोरी के लिए बैंक जिम्मेदार', बोले राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी

राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने कहा है कि बैंक के साथ एग्रीमेंट हुआ था. बैंक अगर गणनाकर्मियों की निगरानी करता, तो चढ़ावा चोरी नहीं होती. उन्होंने चंपत राय को लेकर भी बड़ा दावा किया है.

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ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी ने चंपत राय को बताया ईमानदार (Photo: ITG) ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी ने चंपत राय को बताया ईमानदार (Photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • अयोध्या,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:32 PM IST

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अयोध्या पुलिस और एसआईटी की पूछताछ में जांच की आंच अब नौकरियों के लिए रिश्वत से लेकर निर्माण कार्यों में कमीशन तक पहुंच चुकी है. इन सबके बीच विवादों में घिरे राम मंदिर ट्रस्ट ने अब पूरी धांधली का ठीकरा बैंक पर ही फोड़ दिया है. राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने आजतक से बात करते हुए कहा है कि चढ़ावा चोरी के लिए बैंक जिम्मेदार है.

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ट्रस्ट बनने के तुरंत बाद से ही कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रकाश गुप्ता ने आजतक से खास बातचीत में कहा है कि ट्रस्ट ने बैंक के साथ एग्रीमेंट साइन किया था. उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे को दान पेटी से निकालने, छांटने और जमा करने की जिम्मेदारी बैंक की थी. प्रकाश गुप्ता ने कहा कि बैंक ने बिना किसी वेरिफिकेशन के सिफारिश पर लोगों को रख लिया. बैंक अगर गणना कक्ष में कर्मचारियों पर निगरानी रखता, तो चोरी नहीं होती.

उन्होंने कहा कि सुभाष श्रीवास्तव को गणना कक्ष में ट्रस्ट ने निगरानी के लिए ही रखा था. राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी ने कहा कि दान पेटी का ताला खोलने के लिए दो चाबियां लगाई जाती थीं. दान पेटी की एक चाबी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और दूसरी चाबी बैंक कर्मियों के पास होती थी. उन्होंने कहा कि जब दोनों चाबियां मिलती थीं, तब दान पेटी खोलकर उसका पैसा निकाला जाता था. बैंक कर्मी पैसा गणना कक्ष में लेकर जाते और गिनकर बैंक में जमा करते थे.

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प्रकाश गुप्ता ने चंपत राय को बहुत ईमानदार बताया और कहा कि उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाना सूरज को दीपक दिखाने जैसा होगा. उन्होंने अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी ईमानदार बताया और कहा कि चंपत राय के पास ट्रस्ट के महासचिव के साथ ही साथ विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष का काम भी था. वह अधिक व्यस्त रहते थे. ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी ने कहा कि हम लोगों को भी यह अंदेशा नहीं था कि यहीं के लोग भगवान का पैसा चोरी कर लेंगे.

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उन्होंने अंत में यह  भी जोड़ा कि यह तो नीयत है, कभी भी किसी की भी खराब हो सकती है. गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है. चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, उनका इस्तीफा ट्रस्ट ने अभी स्वीकार नहीं किया है.

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