राम मंदिर में नौकरी करने के लिए रिश्वत,125 कर्मचारियों ने दिए पैसे! पूछताछ में नया खुलासा

राम मंदिर में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोपों की अयोध्या पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।  सूत्रों के मुताबिक करीब 125 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया जांच के दायरे में है. पुलिस नियुक्ति पत्र, सेवा रिकॉर्ड, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है. यह खुलासा चढ़ावा चोरी मामले की जांच के दौरान सामने आया. फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है.

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चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पूछताछ के बीच रिश्वतखोरी का नया खुलासा हुआ है. (File Photo: PTI) चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पूछताछ के बीच रिश्वतखोरी का नया खुलासा हुआ है. (File Photo: PTI)

समर्थ श्रीवास्तव

  • अयोध्या,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

राम मंदिर से जुड़े चर्चित चढ़ावा चोरी की जांच के बीच अब एक नया मामला खुल गया है. मंदिर में हुई नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस उन आरोपों की पड़ताल कर रही है जिनमें दावा किया गया है कि राम मंदिर में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत ली गई थी. पुलिस विभिन्न दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है.

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सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे इनपुट मिले, जिन्होंने जांच की दिशा बदल दी. बताया जा रहा है कि पूछताछ में एक ट्रस्ट सदस्य का नाम बार-बार सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उस भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है. इसी क्रम में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या मंदिर में नियुक्तियों के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई थी या नहीं.

125 नियुक्तियों पर जांच एजेंसियों की नजर

सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह दावा सामने आया है कि राम मंदिर प्रतिष्ठान में विभिन्न पदों पर करीब 125 कर्मचारियों की भर्ती की गई थी. आरोप है कि इनमें से कई उम्मीदवारों ने नौकरी पाने के लिए पैसे दिए थे. पुलिस अब यह सत्यापित कर रही है कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या यह केवल कुछ मामलों तक सीमित था या फिर किसी संगठित भर्ती नेटवर्क के जरिए पूरी प्रक्रिया संचालित की गई थी.  सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस ने भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए हैं. शुरुआती जांच में कई कर्मचारियों के संबंध में नियुक्ति पत्र, औपचारिक सेवा अनुबंध या रोजगार से जुड़े अन्य आवश्यक दस्तावेज तत्काल उपलब्ध नहीं मिले. यही वजह है कि अब प्रत्येक नियुक्ति की अलग-अलग जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नियुक्तियां किस प्रक्रिया के तहत हुईं, किसके निर्देश पर हुईं और संबंधित दस्तावेज कहां हैं.

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किसके निर्देश पर हुई भर्ती

जांच एजेंसियों का अगला बड़ा सवाल यही है कि इन नियुक्तियों को मंजूरी किस स्तर से मिली थी. सूत्र बताते हैं कि पुलिस उस ट्रस्ट सदस्य से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है, जिसका नाम जांच के दौरान सामने आया है. हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ इस मामले में औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं.  सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने उन लोगों की सूची भी जुटा ली है जिन्हें मंदिर प्रतिष्ठान में नियुक्त किया गया था. अब प्रत्येक कर्मचारी के दस्तावेज, नियुक्ति प्रक्रिया, सेवा रिकॉर्ड और भर्ती की परिस्थितियों का सत्यापन किया जाएगा. यदि कहीं कोई विसंगति मिलती है तो उसे भी जांच रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा.

 बैंक खातों की भी होगी पड़ताल

सूत्रों का कहना है कि पुलिस वित्तीय जांच के तहत भर्ती से जुड़े लोगों और कथित तौर पर इस प्रक्रिया में शामिल अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों और लेनदेन की भी जांच करेगी. विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि नियुक्तियों से पहले या बाद में किसी प्रकार का संदिग्ध धन हस्तांतरण हुआ था या नहीं. यदि बैंक रिकॉर्ड में कोई असामान्य लेनदेन मिलता है तो उसकी भी अलग से जांच होगी.  जांच एजेंसियां उस ट्रस्ट सदस्य से जुड़ी संपत्तियों की भी जांच कर रही हैं जिसका नाम पूछताछ के दौरान सामने आया है. यह देखा जाएगा कि ट्रस्ट से जुड़ने के बाद उनकी संपत्तियों में कोई असामान्य वृद्धि तो नहीं हुई.

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दो अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में

चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, अब भर्ती प्रक्रिया की जांच में भी शामिल किए गए हैं. सूत्रों का दावा है कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन दोनों ने नियुक्तियों को आसान बनाने या भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की भूमिका निभाई थी. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या गिरफ्तार दोनों आरोपियों का किसी ट्रस्ट सदस्य से पारिवारिक संबंध है और यदि है तो उसका भर्ती प्रक्रिया से कोई संबंध बनता है या नहीं. 

 एसआईटी रिपोर्ट में शामिल हो सकते हैं अहम तथ्य

सूत्रों का कहना है कि नियुक्तियों से जुड़ी यह पूरी जांच विशेष जांच दल (SIT) की विस्तृत रिपोर्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है. रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेजों की स्थिति, वित्तीय जांच और संबंधित लोगों के बयानों को शामिल किए जाने की संभावना है. हालांकि अंतिम रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद ही तैयार होगी.

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