अयोध्या के दीपोत्सव में 5 देशों की रामलीला, 12 मंचों पर 2500 कलाकार दिखाएंगे रामकथा के अलग-अलग रंग

अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में इस बार पांच देशों के कलाकार रामलीला पेश करेंगे. दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों के शामिल होने का प्रस्ताव है. भारत और विदेश के करीब 2,500 कलाकार 12 मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां देंगे. फिलीपींस और रूस के कलाकारों को भी बुलाने की तैयारी चल रही है.

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अयोध्या में होने जा रहा है 10वां दीपोत्सव. (File Photo: PTI) अयोध्या में होने जा रहा है 10वां दीपोत्सव. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • अयोध्या,
  • 01 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:40 AM IST

अयोध्या में दीप जलेंगे, रामकथा के प्रसंग मंच पर उतरेंगे और दुनिया के अलग-अलग देशों के कलाकार भगवान राम की कहानी अपने-अपने अंदाज में सुनाएंगे. इस बार अयोध्या का दीपोत्सव सिर्फ रोशनी और दीयों तक सीमित नहीं रहने वाला. यहां रामलीला के ऐसे रंग देखने को मिल सकते हैं, जिनमें भारत के साथ दूसरे देशों की संस्कृति की झलक भी होगी.

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उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, अयोध्या में होने वाले 10वें दीपोत्सव में पांच देशों के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे. दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों को बुलाने की तैयारी है. इनके अलावा फिलीपींस और रूस के कलाकारों को भी बुलाया जा रहा है. यानी इस बार अयोध्या में रामकथा सिर्फ एक अंदाज में नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों की कला और परंपराओं के रंग में दिखाई दे सकती है.

दक्षिण अफ्रीका से दो टीमें दीपोत्सव में हिस्सा लेने के लिए प्रस्तावित हैं. इनके अलावा श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकार भी रामलीला की प्रस्तुति दे सकते हैं. फिलीपींस और रूस के कलाकारों को भी बुलाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, इन दोनों देशों की भागीदारी अभी तय नहीं है.

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राम की कहानी एक है, लेकिन उसे सुनाने और मंच पर दिखाने के तरीके अलग-अलग हैं. अलग-अलग देशों में रामायण के अपने संस्करण और मंचन की परंपराएं हैं. थाईलैंड में रामकथा को 'रामाकियन' के नाम से जाना जाता है. वहां की पारंपरिक खोन नृत्य-नाट्य शैली में रामकथा के प्रसंग दिखाए जाते हैं. नेपाल में भी रामायण की गहरी सांस्कृतिक परंपरा है.

श्रीलंका, लाओस और दक्षिण अफ्रीका में भी रामकथा से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलती हैं. ऐसे में अयोध्या के मंच पर इन देशों के कलाकार आएंगे तो दर्शकों को एक ही कहानी के अलग-अलग सांस्कृतिक रूप देखने का मौका मिलेगा. उनके पहनावे, संगीत, नृत्य और अभिनय में उनके देश की परंपराओं की झलक होगी.

12 मंचों पर 2500 कलाकार दिखाएंगे कला

इस बार दीपोत्सव के लिए कुल 12 मंच तैयार किए जाने हैं. इन पर भारत और विदेश के करीब 2500 कलाकार प्रस्तुति देंगे. इन 12 मंचों में छह छोटे, चार मध्यम आकार के और दो बड़े मंच होंगे. यानी कार्यक्रम को अलग-अलग जगहों पर बांटकर प्रस्तुतियां कराई जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा कलाकारों को मौका मिल सके और दर्शक भी अलग-अलग कार्यक्रम देख सकें.

अयोध्या के दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय रंग देने की तैयारी

अयोध्या में दीपोत्सव हर साल बड़े स्तर पर आयोजित किया जाता है. इस आयोजन में दीप जलाने के साथ रामकथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी अहम हिस्सा होते हैं. इस बार पांच देशों के कलाकारों को जोड़ने की तैयारी है. फिलहाल दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों को बुलाने का प्रस्ताव है. फिलीपींस और रूस को लेकर बातचीत चल रही है.

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