मायावती ने अपने पुराने ब्राह्मण चेहरे अंटू मिश्रा को पार्टी से निकाल दिया. सिर्फ ट्वीट किया और अंटू मिश्रा बाहर कर दिए गए. दो दिन पहले मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को भी ऐसे ही ट्वीट कर निकाल दिया.
खास बातचीत में अंटू मिश्रा ने कहा कि उन्हें मालूम ही नहीं कि उनकी गलती क्या है? उन्हें भी बहन जी के ट्वीट से ही पता चला कि अब वह पार्टी से निकाल दिए गए हैं. अंटू मिश्रा ने कहा कि मैंने आज तक पार्टी से कोई गद्दारी नहीं की. मैं हमेशा बहन जी का वफादार रहा हूं और आज भी मैं बहन जी को अपना नेता मानता हूं. अगर जाने-अनजाने में कोई गलती हुई है तो मैं माफी भी मांगता हूं, लेकिन मुझे क्यों निकाला गया, मुझे अभी तक नहीं मालूम.
मैं बाहर निकाल दिया गया हूं तो अब वापस नहीं जाऊंगा. राजनीतिक आदमी हूं, किसी न किसी पार्टी में जाऊंगा, लेकिन अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद कोई फैसला लूंगा. अशोक सिद्धार्थ को भी बिना वजह निकाल दिया गया, बहन जी बेहतर जानती हैं. लेकिन उन्हें तब निकाला गया, जब वह कोलकाता में पार्टी की मीटिंग ले रहे थे. उन्हें भी नहीं मालूम कि आखिर उनकी गलती क्या है.
किस पार्टी में जाएंगे?
मैं आज जो कुछ हूं, बहन जी की वजह से हूं, यह मैं मानता हूं. मैं ब्राह्मण समाज के लिए या सर्व समाज के लिए बहुत किया है, मेरे कार्यकर्ता, मेरे लोग जो कहेंगे, अब आगे की सियासत उनके हिसाब से ही होगी. लेकिन बहुत सोच-समझकर मैं किसी दूसरी पार्टी में जाऊंगा, लेकिन यह तय है कि जिस पार्टी में जाऊंगा, बिल्कुल आखिरी सांस इस पार्टी में लूंगा.
मायावती ने लिया था एक्शन
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा एक्शन लिया था. मायावती ने गुरुवार को सतीश चंद्र मिश्रा के बेहद करीबी माने जाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ 'अंटू मिश्रा' को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अनंत कुमार मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया था और एक्स पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी. बसपा की सरकार में अंटू मिश्रा स्वास्थ्य मंत्री रह चुके थे और सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी माने जाते थे. अंटू मिश्रा कानपुर की महाराजपुर विधानसभा सीट से 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे.
कुमार अभिषेक