उत्तर प्रदेश सरकार ने जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी जेपीएनआईसी को लीज पर देने के लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के प्रस्ताव पर मोहर लगा दी है. जेपीएनआईसी को 30 साल के लिए रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और वृंदावन बॉटलर्स को लीज पर दिया जाएगा. यूपी सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है.
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि किसान बाजार के साथ भी इन्होंने यही किया. उन्होंने कहा कि किसान बाजार में भी शानदार जगह बनाई गई थी. इन लोगों ने होटल के रूप में उसे भी अपने स्वजातीय लोगों को बेच दिया. ऊंची सी बिल्डिंग दिखती होगी. अखिलेश यादव ने कहा कि जो किसान बाजार के साथ किया, वही अब जेपीएनआईसी के साथ भी कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जेपी बेच दिया है. उनका बस चले तो बीजेपी बेच दें. अखिलेश ने कहा कि आप जेपीएनआईसी देख रहे हैं, जब इसका शिलान्यास हुआ था तब नेताजी मौजूद थे. उस समय जो सपना देखा था, जो नेताओं ने कहा था कि जय प्रकाश नारायण से लोग जो एसोसिएट करते हैं, इमारत उनको लेकर मैसेज दे. उन्होंने कहा कि युवाओं को जगाने का काम किया था. उनकी संपूर्ण क्रांति ने देश में बदलाव लाने का काम किया था.
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी कोशिश थी कि बिल्डिंग सबसे बेहतर जगह पर बने, जो जनता को सुविधा दे. उन्होंने कहा कि 18 से 20 एकड़ में जनता के पैसे से यह इमारत बनी. सवाल ये नहीं है कि किस पर बनी और किसने बनाई. क्या कारण है कि निजी हाथों में दे रहे हैं, बीजेपी ने अपने गठन के समय पर जय प्रकाश नारायण के काम का इस्तेमाल किया था. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी के पास कोई सोशलिस्ट नेता नहीं था.
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश अध्यक्ष जब बीजेपी के बने थे, तब जय प्रकाश नारायण की तस्वीर लगा रखी थी. अखिलेश ने कहा कि जो पी से पाकिस्तान करते हैं, इनके गठन में उसका कनेक्शन भी सामने आया था. जेपीएनआईसी में काम पूरा नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये चाहते तो काम हो जाता. 10 साल में भी काम पूरा नहीं किया गया. ठेकेदारों को पूरा पेमेंट किया गया था. मुख्य ठेकेदार के अलावा और ठेकेदारों को भी पूरा पेमेंट दिया गया था.
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उनसे लिखवा लिया गया है कि हमने काम पूरा किया और भविष्य में हम कोर्ट नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि कोई कमी थी, तो 10 साल तक क्या काम करते रहे ये लोग. इनके एक मंत्री थे, वो जब टॉप फ्लोर पर पहुंचे तो बोले हेलीपैड की जरूरत क्या थी. अखिलेश यादव ने कहा कि आरोप इसलिए लगाते हैं, क्योंकि यह जनता के पैसे से बनी संपत्ति को बेचना चाहते हैं, अपनों को देना चाहते हैं.
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उन्होंने पलासियो मॉल का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भी सपा के समय मिला था. आर्किटेक्चर में ऐसा मॉल आपको देखने को नहीं मिलेगा. अखिलेश यादव ने कहा कि जब उसे बेचा गया, उस समय डिप्टी सीएम ने पत्र लिखा था कि इसमें भ्रष्टचार हुआ है. आरोप लगे कि सत्ता की डकैती का उदाहरण, बेचने वाले भूल गए अब. उन्होंने कहा कि 30 साल की लीज में बेच दिया, मार्केट रेट इसका क्या होगा यह खुद सोचिए.
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पूर्व सीएम अखिलेश ने आरोप लगाया कि दिल्ली का बड़ा इंजन बड़ी चीजें बेच रहा है और यूपी का छोटा इंजन छोटा बेच रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी बीजेपी सरकार नहीं दुकानदार है. यह सरकार नहीं चला रहे हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि कोई खरीदार नहीं मिल रहा, वरना ये बीजेपी को ही बेच दें. उन्होंने कहा कि समय आने पर जिन अधिकारियों ने यह बड़ा घपला किया है, उनकी जांच होगी.
समर्थ श्रीवास्तव