बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद सोमवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सियासी पिच पर उतरे. हाथरस में जनसभा को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने योगी सरकार पर आक्रामक रूप से हमला करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अंकल बताते हुए सियासी तंज कसा था. आकाश के बयान पर अखिलेश यादव का रिएक्शन आया है.
आकाश आनंद के अंकल वाले बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि देखिए उस बहस में हम और आप न उलझें, मुद्दा अंकल का नहीं है, जो सीरियस बात है एक सिक्के के दो पहलू और जो अंडरग्राउंड लोग है. अनरजिस्टर्ड लोग है वो सोचते है की कहीं ना कहीं से तो काम चलता ही रहे.
सपा प्रमुख ने कहा कि अगर शिक्षा परीक्षा से काम नहीं हो पा रहा है तो अयोध्या से काम चले वो बात तो आपको हमको पता ही है की बोरे भर के कहां गए थे, कंडों में पैसे निकले थे और हम लोगों को बदनाम करने के लिए कितनी साजिश की गई. एक दिन में इतने कॉल किए गए संभव है क्या इतने कॉल किए गए हो और सरकार को ना पता हो.
अखिलेश ने कहा कि सुनने में आया की यहां जो छात्र नौजवान आए थे, नेटवर्क से उनका डाटा इकट्ठा किया जा रहा है. भविष्य में सरकार पता नहीं क्या करे इसलिए दोनों मुद्दे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. समझिए एक सिक्के के दोनों दो पहलू है. बीजेपी और उनके संघी - साथी दोनों इस मुद्दे से जुड़े हुए लोग है. जब ये प्रभु श्रीराम को आगे नहीं बैठा रहे, बताओ आप प्रभु श्रीराम जी का स्थान क्या होना चाहिए. अगर मैं सामान्य और आपसे एक सवाल करूं की प्रभु श्रीराम का स्थान कौन-सा होना चाहिए.
अखिलेश ने कहा कि आज देश और उत्तर प्रदेश में शिक्षा-परीक्षा और राम मंदिर दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए दोनों मुद्दों पर बहस होनी चाहिए. ये बात जो आज कही जा रही है, वो एक सप्ताह पहले भी कही जा सकती थी. संसद में अगर चर्चा होती तो सदन में भगवान राम का नाम लिया जाता, सदन में बीजेपी के लोग राम जी का नाम नहीं लेना चाहते हैं.
अखिलेश और राहुल गांधी को आकाश ने बताया अंकल
आकाश आनंद ने Gen-Z के आंदोलन का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर अंकल कहकर तंज किया और बहुजन समाज की अनदेखी का आरोप लगाया. दिल्ली के आंदोलन को सही ठहराते हुए आकाश आनंद ने कहा कि युवाओं ने सरकार को अपनी ताकत दिखाई. इस कारण शिक्षा मंत्री को त्याग पत्र देना पड़ा, लेकिन बदले में ऐसा मंत्री मिला जो काबिल नहीं है. उन्होंने युवाओं से कहा कि आंदोलन सड़कों पर नहीं, बल्कि मत का सही प्रयोग करके होना चाहिए.
Gen-Z के आंदोलन के बहाने आकाश ने खुद को युवा भी दर्शाने की भी कोशिश की, जिसके लिए उन्होंने अखिलेश अंकल का मैं पूरी इज्जत और सम्मान के साथ उनका नाम ले रहा हूं. उनकी उम्र हो गई है, अगर मैं 30 साल का लड़का 50 साल के आदमी को अंकल नहीं कहूंगा तो क्या कहूंगा आप ही बात दो. इससे पहले आकाश ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी अकंल कह कर संबोधित किया था. इस तरह आकाश आनंद ने अपने आपको जेन-जी के साथ खड़े करने की कोशिश की तो राहुल गांधी और अखिलेश यादव को बुजुर्ग बताने की कवायद करते नजर आए.
बीजेपी के साथ सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
हाथरस की अपनी पहली जनसभा में आकाश आनंद ने बीजेपी के साथ सपा और कांग्रेस पर भी जमकर हमले किए, उन्होंने कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव है इसलिए सपा और कांग्रेस के लोग भी आपके बीच में घूमने का काम करेंगे. वो भी आपके बीच में आकर आपको लुभाने का काम करेंगे, लेकिन कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों ही एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. बहनजी आप लोगों को इन दोनों के बारे में आगाह करती आई हैं. आपके प्रदेश में जिन नीतियों पर बीजेपी काम कर रही है ठीक उसी तरह कांग्रेस शासित राज्यों में भी उसी तरह से सत्ता चल रही है.
राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि ये आपके सामने आकर लाल किताब का ढिंढोरा पिटेंगे, बोलेंगे हम संविधान के रक्षक हैं.वो किताब गलती से खुल जाए तो पता चले वो खाली पन्ने हैं. बस नाम का संविधान है. वो किताब भी उनकी तरह ही है अंदर से खाली. बाहर से ढ़ोंग करने के लिए बहुत अच्छी है. कांग्रेस के साथ आकाश आनंद ने अखिलेश यादव के पीडीए पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि हमारे अखिलेश अंकल को कुछ समझ में ही नहीं आता, वो अपनी पार्टी में पीडीए-पीडीए कहते हैं, कभी पीडीए का मतलब कुछ और हो जाता है और कभी कुछ और.
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