उत्तर प्रदेश के आगरा में पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार महिला रूबी कोर्ट में पेशी के दौरान जज के सामने फूट-फूटकर रोने लगी. इस दौरान उसने अपने ऊपर लगे आरोप को स्वीकार करते हुए कहा कि पति की हत्या करके उससे बड़ी गलती हो गई. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) आगरा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से मौजूद अभियोजन अधिकारी बृजभूषण कुशवाहा ने बताया कि रूबी को पति की हत्या के मामले में अदालत के सामने पेश किया गया था.
अभियोजन अधिकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान रूबी ने अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने कहा कि पति की हत्या कर उसने गलती की है. पेशी के दौरान वह लगातार रोती रही और काफी भावुक दिखाई दी. फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है. पुलिस पहले ही इस मामले में जांच कर चुकी है और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी. रूबी के अदालत में दिए गए बयान को भी केस के अहम पहलुओं में शामिल किया जाएगा.
समझिए पूरा मामला
जांच के मुताबिक, उसने पहले शव को जमीन में दफनाया और फिर बाथरूम का फर्श दोबारा बनवाकर उस पर सीमेंट का नया लेप करवा दिया, ताकि किसी को वहां शव होने का संदेह न हो. करीब डेढ़ महीने तक वह अलग-अलग बातें बताकर परिवार और पुलिस को भ्रमित करती रही. मामला खुलने के बाद यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई. पुलिस ने जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर रूबी को गिरफ्तार किया गया.
15 से 16 नींद की गोलियां पति को खिला दिया
पुलिस अब हत्या की असली वजह, पूरी वारदात की टाइमलाइन और इस मामले से जुड़े हर पहलू की विस्तार से जांच कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में रूबी ने जो घटनाक्रम बताया, उसने जांच टीम को भी चौंका दिया. पुलिस का दावा है कि उसने पहले खीर में 15 से 16 नींद की गोलियां मिलाकर पति सुरेंद्र शर्मा को खिलाईं. जब वह बेहोश हो गए तो उनकी हत्या कर दी.
बेटियों और सास को जेठ के घर भेज दिया
जांच के अनुसार, अगले दिन रूबी ने अपनी दोनों बेटियों और सास को जेठ के घर भेज दिया. इसके बाद उसने अकेले ही शव को घसीटकर बाथरूम तक पहुंचाया, वहां गड्ढा खोदा और शव को दफनाने के बाद मिट्टी से भरकर जमीन समतल कर दी. बाद में उसने मिस्त्री बुलाकर बाथरूम का फर्श ऊंचा कराने का बहाना बनाया और पूरे हिस्से पर नया सीमेंट प्लास्टर करवा दिया, ताकि किसी को शव दबे होने की भनक न लगे. पुलिस का कहना है कि इस पूरी साजिश का खुलासा लगभग 45 दिन बाद हो सका.
अरविंद शर्मा