आजतक पंचायत अयोध्या के मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 साल के शासन का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। बोले- मोदी और योगी निष्काम भाव से विरासत और विकास की यात्रा पर काम कर रहे हैं. बीमारू राज्य से यूपी को टॉप-3 इकोनॉमी बनाने का दावा किया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनाया. बुलडोजर कार्रवाई का बचाव किया, माफिया पर सख्ती को जरूरी बताया और कहा कि 2017 से पहले का यूपी अब बदल चुका है.
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के 10 साल पूरे होने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी-इंकंबेंसी को लेकर है. लगातार लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली किसी भी सरकार के सामने जनता की अपेक्षाओं, अधूरे वादों और कामकाज को लेकर सवाल खड़े होते हैं. ऐसे में क्या 10 साल के शासन के बाद उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी दिखाई देगी?
अयोध्या में आजतक से खास बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जहां काम होगा, वहां सवाल भी उठेंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश का कोई व्यक्ति सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ नकारात्मक भाव से नहीं सोचता.
एंटी-इंकंबेंसी के सवाल पर क्या बोले सीएम योगी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जब पूछा गया कि 10 साल पूरे होने के बाद क्या सरकार को एंटी-इंकंबेंसी का सामना नहीं करना पड़ेगा और क्या जनता सरकार से कामकाज का हिसाब नहीं मांगेगी, तो उन्होंने कहा कि जो काम करेगा, उससे सवाल भी पूछे जाएंगे.
हालांकि, उन्होंने यह दावा भी किया कि उत्तर प्रदेश का कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री या सरकार के खिलाफ नकारात्मक भाव से नहीं सोचता. योगी के मुताबिक, जनता को मालूम है कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार बिना किसी व्यक्तिगत एजेंडे के विकास और विरासत के संरक्षण के लिए काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने एंटी-इंकंबेंसी के सवाल का जवाब देते हुए अपनी सरकार के विकास कार्यों को आधार बनाया. उनका कहना था कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश की छवि बदली है और प्रदेश ने बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाई है.
बीमारू राज्य से टॉप-3 इकोनॉमी तक पहुंचने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब उत्तर प्रदेश की पहचान बीमारू राज्य के रूप में होती थी., लेकिन आज प्रदेश देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि अब सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिस गति से उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है, उस लक्ष्य को हासिल करने का दिन दूर नहीं है. योगी ने कहा कि एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, रेल कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी गई है.
उन्होंने दावा किया कि जब उनकी सरकार आई थी, तब प्रदेश में लगभग डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, जबकि अब देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है. इसी तरह मेट्रो कनेक्टिविटी को लेकर उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो का संचालन नहीं था, जबकि अब सात शहरों में मेट्रो सेवा चल रही है. एयरपोर्ट के मामले में भी उन्होंने दो से बढ़कर 17 क्रियाशील एयरपोर्ट होने का दावा किया.
अयोध्या, काशी और प्रयागराज को विकास का मॉडल बताया
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को भी अपनी सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया.उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी में काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन और विंध्यवासिनी धाम के विकास का जिक्र किया. साथ ही प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन को विरासत और आधुनिकता के संगम का उदाहरण बताया.
योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश के 4,500 से अधिक धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार का काम पूरा किया है या उसे आगे बढ़ाया है. उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में विकास का अर्थ केवल सड़क, बिजली और उद्योग नहीं है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और आस्था के केंद्रों को सम्मान देना भी है.,
योगी का दावा- 9.5 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी
एंटी-इंकंबेंसी के सवाल के बीच रोजगार का मुद्दा भी इंटरव्यू में उठा. जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और युवाओं की अपेक्षाओं के मुकाबले सरकार कितनी नौकरियां दे पाई है, तो योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दे चुकी है.
उन्होंने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों पर परिवारवाद, भाई-भतीजावाद और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए. योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का काम किया है.
मुख्यमंत्री ने पुलिस कांस्टेबल, होमगार्ड और अधीनस्थ सेवा से जुड़ी भर्तियों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 32 हजार पुलिस कांस्टेबल और 42 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया के साथ अन्य नियुक्तियों पर भी काम चल रहा है.
निवेश और उद्योग को लेकर 50 लाख करोड़ के प्रस्तावों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बदलने के पीछे सबसे बड़ी भूमिका कानून-व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी की है. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है.
सीएम योगी ने जापान और सिंगापुर की अपनी यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी निवेशकों की उत्तर प्रदेश में रुचि बढ़ी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 36 सेक्टोरल पॉलिसी बनाई गई हैं और निवेशकों को सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.मुख्यमंत्री के मुताबिक, निवेश और उद्योग के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
कानून-व्यवस्था को बताया सबसे बड़ी उपलब्धि
योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू, माफियाराज और अराजकता की स्थिति थी। अब प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण ही निवेशक उत्तर प्रदेश में आने को तैयार हैं.
बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह न्याय का फॉर्मूला नहीं, बल्कि गुंडों और माफियाओं को उनकी हैसियत का एहसास कराने वाली त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था है। उन्होंने सार्वजनिक और गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई को जरूरी बताया.
अखिलेश के PDA पर योगी ने साधा निशाना
इंटरव्यू के दौरान योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के PDA के नारे पर भी टिप्पणी की.उन्होंने PDA का अर्थ परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी बताते हुए समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए गिरगिट की तरह रंग बदलता है. पीडीए अखिलेश के लिए 'पराया दल अपना' है.
सीएम योगी ने कहा कि बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के आधार पर जनता के बीच जाएगी. उन्होंने दावा किया कि सरकार को समाज के हर वर्ग का समर्थन प्राप्त होगा. योगी ने कहा कि अखिलेश यादव पूरी तरह से कन्फ्यूज हैं, उन्हें समझ में नहीं आ रहा है. 2017 और 2022 में भी वो सोच रहे थे, लेकिन उनके सत्ता में वापसी
विकास-सुरक्षा-समृद्धि के मुद्दे पर चुनाव लड़ने का प्लान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरा जवाब तीन प्रमुख मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा- सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि. एक तरफ उन्होंने 10 साल के शासन के बाद एंटी-इंकंबेंसी की संभावना को खारिज करते हुए जनता के बीच नकारात्मक माहौल नहीं होने का दावा किया, तो दूसरी तरफ रोजगार, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, धार्मिक पर्यटन और कानून-व्यवस्था को अपनी सरकार की उपलब्धियों के तौर पर पेश किया.
हालांकि, 10 साल के शासन का वास्तविक मूल्यांकन केवल सरकारी दावों से नहीं होगा. रोजगार की गुणवत्ता, युवाओं की अपेक्षाएं, महंगाई, किसानों की आय, महिला सुरक्षा, स्थानीय विकास और सरकारी सेवाओं की स्थिति भी जनता के आकलन का हिस्सा होंगे.
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