जर्मनी के राइन-मेन इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक इंडस्ट्रियल एरिया के पास रखे कूड़ेदानों से इंसानी शरीर के कटे हुए अंग बरामद होने लगे. पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो शक एक 40 साल की महिला पर गया. वह कथित तौर पर जिस्मफरोशी के धंधे में शामिल थी.
अब सरकारी प्रोस्क्यूटर ने उस पर एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की हत्या का आरोप लगाया है. जांच में हत्या को कथित तौर पर एक सैटेनिक यानी शैतानी अनुष्ठान और जादू-टोने से भी जोड़ा गया है. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक मामला इसी साल फरवरी का बताया जा रहा है. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया. उसे जर्मनी-पोलैंड सीमा के पास पैदल जाते हुए पकड़ा गया था.
अचानक गायब हो गया था एक शख्स
जांच अधिकारियों के मुताबिक, जिस व्यक्ति के शरीर के अंग बरामद हुए, उसकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. उसकी उम्र भी आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है, लेकिन उसे 'मिडिल एज' यानी अधेड़ उम्र का बताया गया है. उसकी हत्या कर उसके शरीर के टुकड़े- टुकड़े करके अलग-अलग डस्टबिन में डाल दिए गए थे.
डार्मश्टाट के सरकारी अभियोजक कार्यालय के मुताबिक, महिला पर हत्या का शक है. आरोप है कि उसने कथित तौर पर एक ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाया, जिसे उसने पहले से नहीं चुना था. यानी जांच के मुताबिक पीड़ित को कथित तौर पर रेंडमली सेलेक्ट किया गया था.
जांच में सामने आया जादू-टोने का एंगल
इस मामले को और रहस्यमयी बना रही है जांच में सामने आई एक थ्योरी. प्रोस्क्यूटर का कहना है कि महिला ने कथित तौर पर हत्या एक 'सैटेनिक रिचुअल' यानी जादू- टोने से जुड़े किसी अनुष्ठान का हिस्सा रहा होगा.
हालांकि, यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि यह अभी प्रोस्यूक्यूटर का आरोप और जांच का हिस्सा है. अदालत से साबित हुआ तथ्य नहीं. अधिकारियों ने कथित रिचुअल के बारे में डिटेल सार्वजनिक नहीं की है.
डार्मश्टाट प्रोस्क्यूटर कार्यालय ने जुलाई में कहा था कि महिला पर हत्या का शक है. जांच के आधार पर अभियोजन पक्ष का मानना है कि आरोपी ने कथित तौर पर एक व्यक्ति की हत्या की और ऐसा संभवतः सैटेनिक रिचुअल के तहत किया गया.
जिस जगह मिले अंग, वहां था एक 'ब्रॉथल'
मामले की जांच के दौरान स्थानीय लोगों और एक गवाह से भी पूछताछ की गई. जर्मन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस इलाके के पास इंसानी अवशेष मिले थे. वहां की एक इमारत में कथित तौर पर सेक्स रैकेट का धंधा चलता था.
एक स्थानीय गवाह ने बताया कि वहां कभी-कभी लोग मसाज अपॉइंटमेंट के लिए जगह पूछते हुए दिखाई देते थे. इस जानकारी के बाद जांचकर्ताओं ने इलाके और वहां आने-जाने वाले लोगों पर भी ध्यान केंद्रित किया.
सीमा पार करते वक्त पकड़ी गई महिला
शरीर के अंग मिलने के कुछ दिनों बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया. रिपोर्ट के मुताबिक, उस वक्त वह जर्मनी की सीमा पार करके पोलैंड की ओर पैदल जाने की कोशिश कर रही थी.
इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया. महिला के खिलाफ हत्या का मामला आगे बढ़ाया गया और अब यह मामला डार्मश्टाट रीजनल कोर्ट तक पहुंच चुका है.
मानसिक बीमारी की आशंका भी जांच का हिस्सा
पिछले महीने डार्मश्टाट क्षेत्रीय अदालत में इस मामले से जुड़ी एक आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई. यह प्रक्रिया उन मामलों में अपनाई जाती है, जहां जांच एजेंसियों को शक हो कि आरोपी ने अपराध किया तो है, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति के कारण उसकी जिम्मेदारी सीमित हो सकती है.
यानी जांच में यह पहलू भी देखा जा रहा है कि कहीं आरोपी किसी मानसिक बीमारी या गंभीर मानसिक समस्या से तो नहीं जूझ रही थी. हालांकि, अधिकारियों ने उसकी मानसिक स्थिति या कथित अपराध के पीछे की पूरी वजह के बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी है.
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फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उस अधेड़ व्यक्ति की हत्या क्यों की गई और क्या वाकई इसके पीछे कोई जादू टोने से जुड़ा एंगल था? पुलिस और अभियोजन पक्ष की जांच में कई बातें सामने आई हैं, लेकिन अंतिम सच अदालत की कार्रवाई और आगे होने वाली जांच से ही स्पष्ट होगा.
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