नेपाल में हाल की भयंकर बाढ़ और भूस्खलन ने सैकड़ों परिवारों को उजाड़ दिया. त्रिशूली घाटी और भोटेकोशी इलाके में तबाही का मंजर था. कहीं लोग सुरंगों में फंसे थे, तो कहीं घर बह गए. राहत शिविरों में हजारों लोग बेघर होकर मदद का इंतजार कर रहे थे.
इसी बीच नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में कीचड़ से सने कपड़ों में एक शख्स रेस्क्यू टीम के साथ चलता दिखाई देता है. उसके कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर है और पास ही एक घायल मजदूर को स्ट्रेचर पर ले जाया जा रहा है. न कोई सुरक्षा घेरा नजर आता है और न ही मंत्री जैसा कोई तामझाम. वह शख्स खुद राहत और बचाव के काम में जुटा दिखाई देता है. यह शख्स नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग हैं.
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रेस्क्यू टीम के साथ मैदान में उतरे
बाढ़ के दौरान सुदन गुरुंग त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग के पास रेस्क्यू टीम के साथ नजर आए. वायरल वीडियो में वह कभी ऑक्सीजन सिलेंडर उठाते दिख रहे हैं, तो कभी घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद करते नजर आते हैं.
पहले देखें ये वीडियो
बताया जा रहा है कि उन्होंने राहत शिविरों का भी दौरा किया और वहां रह रहे लोगों से सीधे बातचीत की. उनकी मौजूदगी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं.
एक वीडियो में वह कीचड़ भरी जमीन पर मजदूरों और रेस्क्यू टीम के सदस्यों के साथ खड़े दिखाई देते हैं. दूसरे वीडियो में वह घायल व्यक्ति को सहारा देते नजर आते हैं. वहीं राहत शिविर में वह लोगों के बीच बैठकर उनकी परेशानियां सुनते दिखाई देते हैं.
इन तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है. कई लोग उनके इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना है कि वह किसी मंत्री से ज्यादा एक आम रेस्क्यू वर्कर की तरह नजर आ रहे हैं.
किसी ने तारीफ की, किसी ने उठाए सवाल
सुदन गुरुंग के इस तरीके को लेकर सभी की राय एक जैसी नहीं है. कुछ लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के समय किसी नेता का सीधे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचना जरूरी है. उनके मुताबिक, ऐसे वक्त में लोगों को यह भरोसा मिलता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है.
वहीं कुछ लोग इसे लेकर सवाल भी उठा रहे हैं. उनका तर्क है कि गृह मंत्री की जिम्मेदारी राहत और बचाव अभियान का बेहतर समन्वय करना है और इसके लिए कमांड रूम से काम करना ज्यादा प्रभावी हो सकता है. उनके मुताबिक, मंत्री का खुद कीचड़ में उतरना जरूरी नहीं है.
इसके बावजूद सुदन गुरुंग के वायरल वीडियो ने नेपाल में एक अलग तरह की चर्चा जरूर शुरू कर दी है. आम लोगों के बीच इस बात की चर्चा है कि संकट के समय उनका मंत्री प्रभावित लोगों के बीच दिखाई दिया.
राहत शिविर में मौजूद एक बुजुर्ग के हवाले से कहा गया कि जब मंत्री खुद हमारे बीच आता है, तो लगता है सरकार दूर नहीं है.
नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा के बीच सुदन गुरुंग की ये तस्वीरें राजनीति के एक अलग चेहरे को सामने ला रही हैं. सत्ता के गलियारों से निकलकर जब कोई मंत्री सीधे उन लोगों के बीच पहुंचता है, जो आपदा का सामना कर रहे हैं, तो उसका असर सिर्फ राहत के काम तक सीमित नहीं रहता. वह लोगों के बीच भरोसे का संदेश भी देता है.
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