काफी समय से उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन दिखाई नहीं दिए हैं. करीब 2 महीने से उन्होंने किसी भी सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत नहीं की है. नॉर्थ कोरिया के हर छोटे- बड़े प्रोग्राम में किम नजर आते हैं. ऐसे में लगातार मीडिया और सरकारी कार्यक्रमों नजर नहीं आने से उनको लेकर अटकलबाजियां शुरू हो गई है. चलिए जानते हैं, आखिर किम जोंग उन के कहां गायब हो गए हैं?
न कोई नया उद्घाटन, न कोई बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम और न ही उनकी कोई ताजा तस्वीर सामने आई है. यहां तक कि कोरियाई युद्ध खत्म होने की 73वीं वर्षगांठ के मौके पर भी किम जोंग उन दिखाई नहीं दिए. इसी वजह से अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर उत्तर कोरिया के सबसे ताकतवर नेता कहां हैं?
आखिरी बार कब दिखे थे किम जोंग उन?
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग उन की आखिरी तस्वीर 9 जून की बताई जा रही है. इसमें वह चीन से आए अपने समकक्षों के साथ उत्तर कोरिया में मुलाकात करते नजर आए थे. इसके बाद से उनकी सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर काफी खामोशी है.
उत्तर कोरिया में किम जोंग उन की गैरमौजूदगी इसलिए भी चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि वह आमतौर पर सरकारी कार्यक्रमों में खुद मौजूद रहते हैं. खासकर नई इमारतों, फैक्ट्रियों और दूसरी बड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन में उनकी मौजूदगी को प्रचार का हिस्सा बनाया जाता है. लेकिन हाल के कई कार्यक्रमों में ऐसा नहीं हुआ.
अफसर पहुंचे, लेकिन किम नहीं आए
इस सप्ताह उत्तर कोरिया में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुए. अधिकारियों ने प्योंगयांग स्थित किम जोंग थाए इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव कॉम्प्लेक्स का सुपरविजन हुआ. इसके अलावा नाम्फो में बच्चों के लिए बनाए गए एक 'स्कूलचिल्ड्रन पैलेस' का उद्घाटन भी हुआ. इन मौकों पर किम जोंग उन की जगह दूसरे वरिष्ठ अधिकारी नजर आए.
प्योंगयांग के लोकोमोटिव कॉम्प्लेक्स में प्रधानमंत्री पाक थाए-सोंग पहुंचे. वहीं बच्चों से जुड़े कार्यक्रम में भी किम की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी.
यही नहीं, अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया से जुड़े एक सैन्य अभ्यास पर उत्तर कोरिया की ओर से बयान भी आया. लेकिन इस मामले में भी किम जोंग उन खुद सामने नहीं आए.
टीवी और बैठकों से भी दूरी?
किम जोंग उन की गैरमौजूदगी सिर्फ सार्वजनिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं बताई जा रही. रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी कोई नई टीवी फुटेज या प्योंगयांग में होने वाली अंदरूनी बैठकों की तस्वीरें भी सामने नहीं आई हैं.
उत्तर कोरिया में सरकारी मीडिया आमतौर पर किम की गतिविधियों को प्रमुखता से दिखाता है. ऐसे में लंबे समय तक उनकी नई तस्वीरों का सामने न आना असामान्य माना जा रहा है.
इस बीच कुछ पुराने कार्यक्रमों से जुड़ी तस्वीरों के गायब होने की बात भी कही जा रही है. हालांकि, इन घटनाओं की वजह स्पष्ट नहीं है.
आखिर क्यों गायब हैं किम?
किम जोंग उन की गैरमौजूदगी को लेकर अभी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इनमें से किसी की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
एक वजह मौसम भी बताई जा रही है. उत्तर कोरिया में इस समय तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की बात कही गई है और हवा में नमी भी काफी ज्यादा है. ऐसे में किम का स्वास्थ्य और आराम भी उनकी सार्वजनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है.
हालांकि, सिर्फ गर्मी को उनकी करीब दो महीने की गैरमौजूदगी की वजह मानना मुश्किल है. क्योंकि वह इससे पहले भी गर्म मौसम में सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देते रहे हैं.
सोशल मीडिया पर बढ़ रही हैं अटकलें
किम जोंग उन की लंबी गैरमौजूदगी ने अटकलों को और हवा दे दी है. कुछ लोग उनके स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ बेहद गंभीर दावे भी कर रहे हैं.
कुछ अटकलों में तो यहां तक कहा जा रहा है कि किम जोंग उन की मौत हो सकती है या उनकी जगह किसी 'बॉडी डबल' का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि, इन दावों की कोई पुष्टि नहीं हुई है और इनके समर्थन में कोई विश्वसनीय सबूत सामने नहीं आया है. इससे पहले भी दुनिया के कई नेताओं की लंबे समय तक सार्वजनिक गैरमौजूदगी के दौरान इस तरह की अफवाहें सामने आती रही हैं.
किम की चुप्पी ने बढ़ाया रहस्य
किम जोंग उन का लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आना इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि उत्तर कोरिया में नेता की मौजूदगी को सरकारी प्रचार का अहम हिस्सा माना जाता है.
नई परियोजनाओं के उद्घाटन से लेकर सैन्य गतिविधियों तक, किम की तस्वीरें और वीडियो अक्सर सरकारी मीडिया में प्रमुखता से दिखाए जाते हैं. ऐसे में करीब दो महीने से उनकी कोई नई सार्वजनिक तस्वीर नहीं आने से सवाल जरूर बढ़ गए हैं.
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क्या वह किसी निजी जगह पर आराम कर रहे हैं, स्वास्थ्य कारणों से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं या इसके पीछे कोई और वजह है? इसका जवाब अभी साफ नहीं है. जब तक उत्तर कोरिया की सरकार या सरकारी मीडिया उनकी स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं देता, तब तक सामने आ रही बातें सिर्फ अटकलें ही मानी जाएंगी.
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