देहरादून के जेबी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (JBIT) में टीचर्स डे के मौके पर आयोजित कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया. वायरल वीडियो में छात्र एक फिल्मी गाने पर डांस करते नजर आ रहे हैं. कार्यक्रम के दौरान मंच के पीछे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर भी दिखाई दे रही थी. वीडियो सामने आने के बाद कुछ लोगों ने कार्यक्रम में गाने के चयन और डांस को लेकर सवाल उठाए.
हालांकि, अब इस पूरे मामले पर JBIT की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है. संस्थान ने स्पष्ट किया है कि वायरल हुई डांस प्रस्तुति आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं थी और इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विवाद
5 सितंबर को टीचर्स डे के मौके पर JBIT में अकादमिक एक्सीलेंस से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आया. वीडियो में स्टूडेंट एक फिल्मी गाने पर डांस करते दिखाई देते हैं.
देखें वीडियो
दर्शकों की तालियां, सीटियां और फिर शुरू हुआ विवाद
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैसे ही छात्राओं ने डांस शुरू किया, बाकी छात्र जोरदार तालियां और सीटियां बजाने लगे. लेकिन जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा, यूजर्स ने कॉलेज प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया. लोगों का कहना है कि एक औपचारिक और गरिमामय कार्यक्रम में इस तरह के गाने का चुनाव पूरी तरह गलत था.
कई यूजर्स ने यह भी पूछा कि क्या इस परफॉर्मेंस को फैकल्टी या आयोजकों से मंजूरी मिली थी. हालांकि अब तक कॉलेज की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
JBIT ने कहा- यह आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था
विवाद बढ़ने के बाद JBIT ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि जिस प्रस्तुति का वीडियो वायरल हुआ है, वह संस्थान के आधिकारिक कार्यक्रम की निर्धारित सूची में शामिल नहीं थी.
कॉलेज के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए तैयार की गई मिनट-टू-मिनट प्रोग्राम लिस्ट में इस प्रस्तुति को मंजूरी नहीं दी गई थी. संस्थान ने कहा कि यह प्रस्तुति कार्यक्रम के निर्धारित समापन के बाद छात्र समिति की ओर से बिना पूर्व अनुमति शुरू की गई थी.JBIT ने कहा कि जैसे ही संस्थान के अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई, प्रस्तुति को तुरंत रोक दिया गया.
कॉलेज बोला- राधाकृष्णन के सम्मान की पूरी समझ
संस्थान ने अपने स्पष्टीकरण में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के योगदान और टीचर्स डे की गरिमा का भी उल्लेख किया.
JBIT ने कहा कि शिक्षण बिरादरी इस अवसर की महत्ता को समझती है. संस्थान के मुताबिक, छात्रों या फैकल्टी की ओर से इस महत्वपूर्ण अवसर का अनादर या इसकी गरिमा को कम करने का कोई इरादा नहीं था.कॉलेज ने यह भी स्पष्ट किया कि JBIT अपने आधिकारिक मंच पर इस तरह की प्रस्तुतियों को बढ़ावा नहीं देता.
मामले में जांच के बाद कार्रवाई
JBIT ने बताया कि वायरल वीडियो से जुड़े मामले में जांच भी कराई गई है. संस्थान के अनुसार, एक समिति ने मामले की जांच की और उसकी सिफारिशों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
यानी कॉलेज के स्पष्टीकरण के मुताबिक, विवादित प्रस्तुति को संस्थान की आधिकारिक अनुमति प्राप्त नहीं थी और इसे कार्यक्रम के निर्धारित हिस्से के तौर पर पेश नहीं किया गया था.
aajtak.in