इस नौकरी में डरावने घर में बितानी पड़ती है रात, मिलते हैं 52 हजार रुपये

दुनिया में कई अजीबो-गरीब प्रोफेशन हैं. ऐसा ही एक अनोखा प्रोफेशन है कथित भूतिया घरों में रातभर ठहरना और उनसे जुड़े अंधविश्वास को खत्म करना. यानी यह साबित करना कि जिस घर को लोग भूतिया समझ रहे हैं, वहां किसी तरह की पैरानॉर्मल एक्टिविटी नहीं है. आइए जानते हैं इस अनोखे प्रोफेशन के बारे में.

Advertisement
जापान में ऐसी प्रॉपर्टी को 'जिक्को बुक्केन' कहा जाता है  (Representational Image - AI Generated) जापान में ऐसी प्रॉपर्टी को 'जिक्को बुक्केन' कहा जाता है (Representational Image - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST

क्या आप किसी ऐसे घर में पूरी रात अकेले रह सकते हैं, जहां किसी की हत्या हुई हो या जिसे लेकर भूतिया होने की अफवाह हो? शायद ज्यादातर लोग ऐसा करने से पहले कई बार सोचेंगे. लेकिन जापान में अब ऐसे कथित 'भूतिया घरों' में रात बिताना बाकायदा एक पेशा बनता जा रहा है. यहां लोगों को ऐसी प्रॉपर्टी में एक रात बिताने के लिए 88,000 येन यानी करीब 52 हजार रुपये तक दिए जा रहे हैं.

Advertisement

इस काम के पीछे मकसद भूतों की तलाश करना भर नहीं, बल्कि खाली पड़े मकानों को दोबारा बेचने या किराए पर देने में मदद करना है. ये लोग रातभर घर में रहकर कैमरों और दूसरे उपकरणों की मदद से कथित पैरानॉर्मल एक्टिविटी की जांच करते हैं. अगर रातभर कुछ असामान्य नहीं होता, तो प्रॉपर्टी को लेकर एक सर्टिफिकेट जारी किया जाता है कि वहां कोई पैरानॉर्मल एक्टिविटी नहीं मिली.

क्या हैं जापान के 'जिक्को बुक्केन'?

द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में ऐसी प्रॉपर्टी को 'जिक्को बुक्केन' कहा जाता है, जहां किसी व्यक्ति की मौत असामान्य या परेशान करने वाली परिस्थितियों में हुई हो. इनमें हत्या, आत्महत्या, जानलेवा आग या 'लोनली डेथ' जैसे मामले शामिल हो सकते हैं. 'लोनली डेथ' उन मामलों को कहा जाता है, जब कोई व्यक्ति अकेले घर में मर जाता है और उसकी मौत का कई दिनों या हफ्तों तक पता नहीं चलता.

Advertisement

ऐसी प्रॉपर्टी का इतिहास सामने आने के बाद कई लोग वहां रहने से हिचकिचाते हैं. इसी डर को दूर करने के लिए कथित 'हॉन्टेड हाउस सिटर' की मदद ली जा रही है.

रातभर घर में रहकर करते हैं जांच

इस काम से जुड़े लोग कथित तौर पर पूरी रात ऐसी प्रॉपर्टी में बिताते हैं. इस दौरान कैमरों और दूसरे उपकरणों से घर की निगरानी की जाती है. अगर रातभर कोई असामान्य गतिविधि दर्ज नहीं होती, तो प्रॉपर्टी में पैरानॉर्मल एक्टिविटी नहीं मिलने का सर्टिफिकेट दिया जाता है.

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कंपनियां यहां तक दावा करती हैं कि अगर किसी प्रॉपर्टी को 'भूतों से मुक्त' घोषित किए जाने के बाद वहां प्रमाणित पैरानॉर्मल एक्टिविटी सामने आती है, तो वे मुआवजा भी दे सकती हैं.

लाखों खाली घरों से जूझ रहा जापान

जापान में इस तरह की सर्विस के पीछे खाली पड़े मकानों की बढ़ती संख्या को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है. बढ़ती उम्र वाली आबादी, घटती जन्म दर और शहरों की ओर पलायन के चलते देश में बड़ी संख्या में घर खाली पड़े हैं. इनमें बदनाम इतिहास वाली प्रॉपर्टी को खरीदार या किराएदार मिलना और भी मुश्किल हो जाता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी प्रॉपर्टी कई बार आसपास के समान मकानों की तुलना में 20 से 50 फीसदी तक कम कीमत पर बिकती या किराए पर मिलती है. यही वजह है कि कम कीमत में घर तलाश रहे कुछ लोगों के लिए ये प्रॉपर्टी एक विकल्प बन रही हैं.

Advertisement

अंधविश्वास पर भारी पड़ रही घर की कीमत?

द इकोनॉमिस्ट के मुताबिक, कभी ऐसी प्रॉपर्टी से दूरी बनाने वाले लोगों के बीच भी अब इनकी मांग बढ़ रही है. इसकी एक वजह घरों की बढ़ती कीमत बताई जा रही है. खासकर कुछ युवा खरीदारों के लिए अंधविश्वास से ज्यादा घर की कीमत मायने रखने लगी है.

ऐसे में जापान में रियल एस्टेट और 'घोस्ट हंटिंग' का यह अनोखा मेल एक नए पेशे को जन्म दे रहा है. जहां एक तरफ लोगों को कथित भूतिया घर में रात बिताने के पैसे मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रॉपर्टी मालिकों को उम्मीद है कि इससे सालों से खाली पड़े उनके मकानों को दोबारा खरीदार या किराएदार मिल सकेंगे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »