12 घंटे काम, वीकेंड भी कुर्बान... फिर भी सीनियर ने लगाई डांट, कर्मचारी ने दिया जवाब, छिड़ गई बहस

एक नए कर्मचारी ने रेडिट पर बताया कि उसने ऑफिस में लगातार 12 घंटे काम किया और वीकेंड पर भी प्रोजेक्ट की समस्या सुलझाने में लगा रहा. इसके बावजूद रात 10:30 बजे लॉगआउट करने पर उसके सीनियर ने उसे डांट लगा दी. कर्मचारी ने जवाब देते हुए कहा कि उसे काम के साथ खाने, सोने और अपनी सेहत का ध्यान रखने का भी हक है.

Advertisement
यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई. ( Photo: ITG) यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

ऑफिस में काम करने वाले कई कर्मचारियों को कभी न कभी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, जब वे अपनी पूरी मेहनत और समय देने के बाद भी अपने सीनियर की नाराजगी झेलते हैं. कई बार काम का दबाव इतना बढ़ जाता है कि कर्मचारियों को अपनी निजी जिंदगी और आराम तक के लिए समय नहीं मिल पाता. ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहां एक नए कर्मचारी ने अपने सीनियर के व्यवहार से परेशान होकर अपनी नाराजगी जाहिर की है.

Advertisement

यह मामला हैदराबाद की एक आईटी कंपनी का बताया जा रहा है. यहां काम करने वाले एक नए कर्मचारी ने रेडिट पर अपने सीनियर के साथ हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं. कर्मचारी का कहना है कि उसने लगातार 12 घंटे तक काम किया, यहां तक कि वीकेंड पर भी ऑफिस के काम में लगा रहा. इसके बावजूद उसे अपने सीनियर से तारीफ की जगह डांट सुननी पड़ी.

पांच महीने पहले ही शुरू की थी नौकरी
रेडिट पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, यह कर्मचारी कंपनी में करीब पांच महीने पहले ही फुल टाइम कर्मचारी के तौर पर जॉइन किया था. वह एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था, जिस पर काम का दबाव काफी ज्यादा था. कर्मचारी के मुताबिक, उसका सीनियर आमतौर पर अच्छा व्यवहार करता था और काम के दौरान उसकी मदद भी करता था. लेकिन कुछ दिनों से प्रोजेक्ट में एक बड़ी तकनीकी समस्या आ गई थी. इसे ठीक करने के लिए कर्मचारी को शनिवार, रविवार और सोमवार को भी देर रात तक काम करना पड़ा. उसने अपने सीनियर के साथ मिलकर इस बड़ी समस्या को सुलझा लिया था.

Advertisement

इसके बाद प्रोजेक्ट में एक छोटी समस्या बची थी, जिसे अगले दिन आसानी से ठीक किया जा सकता था. कर्मचारी का कहना था कि यह कोई ऐसी समस्या नहीं थी, जिसके लिए उसे लगातार काम करते रहने की जरूरत थी.

सुबह 10 बजे से रात 10:30 बजे तक किया काम
कर्मचारी ने बताया कि वह सुबह करीब 10 बजे से काम कर रहा था और रात लगभग 10:30 बजे अपना काम खत्म करके लॉगआउट किया था. यानी उसने करीब साढ़े 12 घंटे तक काम किया. उसका कहना था कि उसने क्लाइंट की तरफ से आए सभी जरूरी काम पूरे कर दिए थे. लेकिन लॉगआउट करने के कुछ ही देर बाद क्लाइंट की तरफ से एक छोटी समस्या को लेकर मैसेज आ गया. कर्मचारी अपना काम खत्म करके लॉगआउट कर चुका था, इसलिए वह उस समय इस समस्या को ठीक नहीं कर पाया. इसी बात पर उसके सीनियर ने नाराजगी जताई और उसे फटकार लगाई. सीनियर ने कहा कि उन्हें कर्मचारी से ऐसी उम्मीद नहीं थी.

कर्मचारी ने सीनियर को दिया जवाब
सीनियर की बात से कर्मचारी काफी निराश हो गया. उसने जवाब में कहा कि वह काम के लिए हर समय उपलब्ध नहीं रह सकता. उसे खाना खाने, नहाने और सोने के लिए भी समय चाहिए. साथ ही उसकी अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत भी जरूरी है. उसने कहा कि वह पहले भी जरूरत पड़ने पर अपनी निजी जिंदगी को पीछे रखकर काम कर चुका है. उसने पूरे वीकेंड काम किया और जरूरी समस्या को ठीक करने के लिए देर रात तक जागा भी. इसके बावजूद अगर उसके काम को इस तरह देखा जा रहा है, तो उसके पास खुद को सही साबित करने के लिए कुछ और कहने को नहीं है. कर्मचारी ने यह भी कहा कि वह अपने सीनियर का सम्मान करता है, लेकिन वह अपनी सेहत और आराम को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं कर सकता.

Advertisement

सोशल मीडिया पर लोगों ने दी अलग-अलग सलाह
यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई. कुछ यूजर्स ने कर्मचारी का समर्थन किया और कहा कि ऑफिस का काम कभी भी किसी की सेहत और निजी जिंदगी से ज्यादा जरूरी नहीं होना चाहिए. वहीं, कुछ लोगों ने कर्मचारी को सलाह दी कि उसे गुस्से में अपने सीनियर को मैसेज नहीं करना चाहिए था. उनका कहना था कि ऑफिस में अपनी बात रखने का तरीका भी बहुत मायने रखता है.

एक यूजर ने सलाह दी कि जब भी गुस्से में कोई ईमेल या मैसेज लिखने का मन हो, तो पहले उसे कहीं अलग लिख लेना चाहिए. इसके बाद एआई की मदद से उसे प्रोफेशनल भाषा में बदलकर भेजना बेहतर रहता है. एक अन्य यूजर ने कहा कि कर्मचारी को अपने सीनियर से आमने-सामने बैठकर बात करनी चाहिए, ताकि मामला और न बिगड़े. इस तरह एक छोटे से ऑफिस विवाद ने काम के घंटे, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और निजी जिंदगी के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »