समुद्र के बीचोंबीच अगर किसी की नाव टूट जाए, फोन बंद हो जाए और आसपास मदद का कोई रास्ता न दिखे, तो शायद ही कोई लंबे समय तक जिंदा रह पाए. लेकिन अमेरिका के कैलिफोर्निया के रहने वाले 39 साल के काई सातो ने ऐसी ही हालत में करीब एक महीने ज्यादा दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया. आखिरकार एक गुजरते मालवाहक जहाज ने उन्हें समुद्र में तैरती उनकी क्षतिग्रस्त नाव से सुरक्षित बचा लिया.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, काई सातो 7 जून को कैलिफोर्निया के कैटालिना आइलैंड से अपनी छोटी सेलबोट लेकर निकले थे. शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन करीब दो हफ्ते बाद उनकी नाव का मस्तूल टूट गया. इसके बाद नाव का ईंधन भी खत्म हो गया और मोबाइल फोन की बैटरी भी पूरी तरह खत्म हो गई. अब उनके पास न किसी से संपर्क करने का तरीका था और न ही नाव को सही दिशा में ले जाने का.
कई दिनों तक रोते रहे, उम्मीद भी छोड़ दी
काई ने बताया कि उनकी नाव समुद्री धाराओं के साथ बहकर शिपिंग लेन से काफी दूर चली गई थी. उन्हें लगने लगा था कि अब शायद कोई उन्हें कभी नहीं ढूंढ़ पाएगा.
उन्होंने बताया कि वह करीब एक हफ्ते तक लगातार रोते रहे. यहां तक कि उनके मन में आत्महत्या का विचार भी आया. उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे वह समुद्र के बीच एक बैठे हुए शिकार की तरह हैं, जिसे लहरें जहां चाहें वहां ले जा रही हैं.
हार नहीं मानी, खुद ही नाव ठीक करने में जुट गए
करीब पांच दिन तक निराश रहने के बाद काई ने हार मानने के बजाय खुद ही नाव को चलने लायक बनाने की कोशिश शुरू कर दी. उन्होंने पीवीसी पाइप और कयाक के पैडल की मदद से अस्थायी मरम्मत की, ताकि किसी तरह नाव को आगे बढ़ाया जा सके.उनकी कोशिश रंग लाई और धीरे-धीरे वह दोबारा उस समुद्री रास्ते की ओर बढ़ने लगे, जहां बड़े जहाज गुजरते हैं.
ऐसे किया खाने-पीने का इंतजाम
समुद्र में फंसे रहने के दौरान काई के पास खाने के लिए बहुत कम सामान बचा था. उन्होंने बचा हुआ ओटमील (दलिया) खाकर गुजारा किया. इसके अलावा जो मछलियां और स्क्विड (समुद्री जीव) खुद उछलकर उनकी नाव में आ जाते थे, उन्हें खाकर उन्होंने अपनी भूख मिटाई.
सबसे बड़ी चुनौती पानी की थी. पीने का साफ पानी खत्म होने पर उन्होंने समुद्री पानी से बनने वाली नमी को एक बाल्टी में इकट्ठा किया और उसी को चाट-चाटकर अपनी प्यास बुझाई.
एक महीने बाद दिखा एक जहाज
करीब एक महीने की मशक्कत के बाद काई फिर से कैलिफोर्निया और हवाई के बीच की शिपिंग लेन तक पहुंचने में सफल रहे. मंगलवार को हवाई जा रहे कंटेनर शिप पाशा हवाई के चालक दल ने उनकी टूटी हुई नाव देखी और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया.
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पहली कोशिश में रस्सी की सीढ़ी सही तरह नहीं पहुंच पाई, लेकिन दूसरी कोशिश में काई सुरक्षित जहाज पर चढ़ गए. वहां उन्हें सबसे पहले साफ कपड़े, पानी और ताजा फल दिए गए.
काई ने कहा कि बचाए जाने के बाद वह बेहद भावुक हो गए थे. उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल आए. उन्होंने जहाज के कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी बहुत मदद की और उनका बेहद अच्छा ख्याल रखा.
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फिलहाल काई हवाई में अपने एक रिश्तेदार के साथ रह रहे हैं. हालांकि, इस खौफनाक अनुभव के बावजूद उन्होंने समुद्र से दूरी बनाने का फैसला नहीं किया है. उनका कहना है कि वह भविष्य में एक बड़ी और ज्यादा सुरक्षित नाव से फिलीपींस की यात्रा पर निकलने की योजना बना रहे हैं.
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