कभी-कभी कबाड़ में पड़ी कोई पुरानी चीज ऐसी निकल आती है, जिसकी असली कीमत का अंदाजा उसे देखने वाले को भी नहीं होता. इंग्लैंड में ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक कबाड़ और पुरानी चीजों के सामान वाले यार्ड में करीब 300 साल पुरानी संगमरमर की मूर्ति मिली है.
खास बात ये है कि इसे इटली के मशहूर मूर्तिकार पिएत्रो ब्राची ने बनाया था, जो रोम के प्रसिद्ध ट्रेवी फाउंटेन से भी जुड़े हुए थे. अब यही मूर्ति नीलामी में करीब 11 लाख रुपये तक की कीमत हासिल कर सकती है.
कबाड़ के यार्ड में मिली दुर्लभ मूर्ति
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला इंग्लैंड के विल्टशायर का है. यहां एक कलेक्टर की नजर एक पुराने सामान के यार्ड में रखी करीब 27 इंच ऊंची मूर्ति पर पड़ी. पहली नजर में यह सिर्फ एक पुरानी संगमरमर की मूर्ति जैसी लग रही थी, लेकिन जब इसके बारे में जांच की गई तो इसकी कहानी बेहद खास निकली.
यह मूर्ति पोप क्लेमेंट XII की है और इसे इतालवी मूर्तिकार पिएत्रो ब्राची ने बनाया था. माना जाता है कि यह मूर्ति 1730 के दशक में तैयार की गई थी. यानी यह करीब तीन सदियों पुरानी है.
ट्रेवी फाउंटेन से भी है कनेक्शन
पिएत्रो ब्राची 18वीं सदी के रोम के बड़े मूर्तिकारों में गिने जाते थे. उनका नाम रोम के मशहूर ट्रेवी फाउंटेन से भी जुड़ा है. ऐसे में उनके हाथों से बनी किसी दुर्लभ मूर्ति का मिलना कला और इतिहास, दोनों लिहाज से बड़ी खोज मानी जा रही है.
ब्राची को रोमन सीनेट ने पोप क्लेमेंट XII का कांस्य चित्र बनाने की जिम्मेदारी दी थी. यह पोप की ओर से कैपिटोलिन म्यूजियम को दिए गए योगदान की याद में बनाया जाना था.
400 डॉलर में खरीदी, अब लाखों मिलने की उम्मीद
सबसे दिलचस्प बात इस मूर्ति की कीमत को लेकर है. जिस मूर्ति को एक समय कबाड़ के यार्ड में रखा गया था, उसे शुरुआती तौर पर सिर्फ 400 डॉलर यानी करीब 35 हजार रुपये में खरीदा गया था.
अब यही मूर्ति नीलामी में 6,635 से 13,270 डॉलर यानी करीब 5.8 लाख से 11.7 लाख रुपये तक में बिकने का अनुमान है. इसकी नीलामी 8 अक्टूबर को होने वाली है.
एक्सपर्ट ने बताया बेहद खास खोज
नीलामी कराने वाली संस्था वुली एंड विलिस के फर्नीचर विशेषज्ञ मार्क युआन रिचर्ड्स ने इस खोज को बेहद रोमांचक बताया है. उनके मुताबिक 18वीं सदी की इतनी दुर्लभ संगमरमर की मूर्ति का सामने आना अपने आप में बड़ी बात है.
उन्होंने कहा कि पिएत्रो ब्राची 18वीं सदी के रोम के महान मूर्तिकारों में से एक थे. उनके काम से जुड़ी यह मूर्ति उस दौर के पोप दरबार और रोम की कला की दुनिया की झलक देती है.
यानी जिस मूर्ति को लंबे समय तक एक कबाड़ यार्ड में पड़े पुराने सामान का हिस्सा समझा गया, वह असल में करीब 300 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर निकली. अब सबकी नजर 8 अक्टूबर की नीलामी पर है कि यह मूर्ति आखिर कितनी कीमत में बिकती है.
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