अमेरिकी राजदूत ने किए 'परी महल' के दीदार, खूबसूरती के हुए कायल, जानें यहां कैसे पहुंचें?

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के श्रीनगर दौरे के बाद परी महल सुर्खियों में आ गया है. डल झील के पास जबरवान पहाड़ी पर स्थित 17वीं शताब्दी का यह मुगलकालीन स्मारक काफी फेमस है. आइए आपको परी महल के बारे में बताते हैं कि इसे किसने बनवाया था और इसकी क्या खासियत है. इसे आप अपनी कश्मीर ट्रिप के लिए बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.

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डल झील के पास परियों का महल स्थित है. (PHOTO:ITG) डल झील के पास परियों का महल स्थित है. (PHOTO:ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

जम्मू-कश्मीर को भारत का ताज माना जाता है और उसकी खूबसूरती जग जाहिर है, लेकिन आज भी लोग कश्मीर की महज कुछ जगहों के बारे में ही जानते हैं और वहां पर ही घूमने जाते हैं. हालांकि इस बार श्रीनगर की एक खास जगह चर्चा में आ गई है, जहां अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर पहुंचे थे. बुधवार, 19 अगस्त 2026 को सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर का दौरा किया और इस दौरान वो वहां के ऐतिहासिक परी महल भी पहुंचे. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी फोटो पोस्ट कर श्रीनगर की खूबसूरती की तारीफ की.

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सर्जियो गोर का बतौर अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर दौरा उनका पहला दौरा था. इस दौरान उन्होंने कश्मीर की ऐतिहासिक जगहों को करीब से देखा. परी महल के बारे में कम ही लोग जानते हैं, लेकिन जो लोग नहीं जानते हैं कि उनको बता दें कि यह स्थल सुरम्य डल झील के नजारे के साथ मुगल काल की विरासत का एक अनूठा संगम है. 

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर अपनी फोटो शेयर कर परी महल और श्रीनगर की सराहना की. उन्होंने लिखा, 'परी महल और मशहूर डल झील की सैर के साथ श्रीनगर की खूबसूरती का अनुभव करना शानदार रहा.' उनके इस ट्वीट के बाद से परी महल सुर्खियों में आ गया है. 

परी महल कहां स्थित है?

श्रीनगर में जबरवान पर्वत श्रृंखला की पहाड़ी पर स्थित परी महल एक ऐतिहासिक स्मारक है. इसे प्लेस ऑफ फेरीस यानी परियों का महल भी कहा जाता है. यह फेमस चश्मे शाही गार्डन के पास स्थित है.

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पहाड़ी पर ऊंचाई में बने होने के कारण परी महल से डल झील, श्रीनगर शहर और आसपास की पहाड़ियों का बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. यही वजह है कि यह जगह इतिहास और प्राकृतिक खूबसूरती दोनों के लिए खास मानी जाती है.

परी महल का इतिहास क्या है?

परी महल को 17वीं शताब्दी में मुगल काल के दौरान बनाया गया था. इसका संबंध मुगल बादशाह शाहजहां के बड़े बेटे दारा शिकोह से बताया जाता है. बताया जाता है कि दारा शिकोह ने इस स्थान को निवास और अध्ययन के केंद्र के रूप में विकसित कराया था. यह जगह खगोल विज्ञान यानी एस्ट्रोनॉमी और शिक्षा से भी जुड़ी रही. पहाड़ी पर इसकी खास स्थिति इसे उस दौर में भी एक अहम स्थान बनाती थी.

परी महल की खासियत

परी महल की सबसे खास बात इसकी सात सीढ़ीनुमा छतें या टेरेस हैं. पहाड़ी की ढलान पर इन छतों को कुछ इस तरह से बनाया गया है कि पूरा परिसर बेहद सुंदर दिखाई देता है. यहां मुगल शैली के मेहराब, बगीचे और पारंपरिक वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है. कश्मीर के दूसरे पॉपुलर मुगल गार्डन की तुलना में परी महल आकार में छोटा है, लेकिन इसकी ऊंचाई और सात टेरेस इसे अलग पहचान देते हैं. 

सीएम उमर अब्दुल्ला से की मुलाकात

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इस दौरान गोर ने श्रीनगर में जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से भी मुलाकात की. सीएम उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा, 'आज श्रीनगर में सर्जियो गोर का स्वागत करके बहुत खुशी हुई. हमने जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच सहयोग को बढ़ाने और गहरा करने की संभावनाओं पर बहुत अच्छी बातचीत की, खासकर पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में. मैं इस सहयोग को जारी रखने और हमारी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं.' 

डल झील की खूबसूरती भी देखी

परी महल के अलावा अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर की मशहूर डल झील का भी दौरा किया. झील के आसपास ऊंचे पहाड़, हरियाली और शांत वातावरण कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती को खास बनाते हैं. 

परी महल कैसे पहुंचे? 

श्रीनगर रेलवे स्टेशन नौगाम से परी महल से करीब 12 किलोमीटर दूर है. स्टेशन से बाहर आकर आप परी महल के एंट्री गेट तक जाने के लिए स्थानीय टैक्सी या ऑटो-रिक्शा आसानी से ले सकते हैं. अगर आपका बजट कम है तो आप लाल चौक से डल झील या बॉटनिकल गार्डन तक जाने वाली शेयर्ड कैब या बस ले सकते हैं. हालांकि, वहाँ उतरने के बाद आपको ऊपर परी महल तक जाने के लिए या तो लिफ्ट लेनी होगी या फिर पैदल चढ़ाई करनी होगी. परी महल आज कश्मीर के उन प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है, जहां मुगल इतिहास, वास्तुकला और श्रीनगर की नेचुरल ब्यूटी एक साथ देखने को मिलती है. 

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