दिल्ली-NCR समेत देश के कई शहरों में हवा जहरीली हो रही है. दिल्ली में AQI 400 से पार जा चुका है और महीने के अंत तक 500 से 1000 हो सकता है. घर से बाहर निकलते समय प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाया जा सकता है, लेकिन घर के अंदर की हवा का क्या?
बहुत से लोग सोचते हैं कि घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने से वे प्रदूषण से बच जाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं है. बाहर से आने वाले धूल और धुएं के छोटे कण घर के अंदर भी पहुंच सकते हैं. इसके अलावा खाना पकाने, सफाई और दूसरे घरेलू कामों से भी हवा में छोटे कण पैदा होते हैं.
ऐसे में एयर प्यूरीफायर की जरूरत बढ़ जाती है. बाजार में अच्छे एयर प्यूरीफायर की कीमत कई हजार रुपये से शुरू होती है और प्रीमियम मॉडल काफी महंगे होते हैं. लेकिन अगर आपका बजट कम है तो एक दूसरा रास्ता भी है. आप घर पर कम खर्च में DIY यानी खुद से एयर प्यूरीफायर बना सकते हैं.
घर पर कैसे बनेगा एयर प्यूरिफायर?
इसके लिए आपको एक पंखे, अच्छे एयर फिल्टर, कार्डबोर्ड और डक्ट टेप की जरूरत होगी. अमेरिका की पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी US EPA और अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी CDC ने भी ऐसे DIY एयर क्लीनर के डिजाइन और उनके फायदे पर जानकारी दी है. इन्हें Corsi-Rosenthal Box के नाम से जाना जाता है.
हालांकि, एक बात समझना जरूरी है. इंटरनेट पर दिखने वाले ज्यादातर DIY एयर प्यूरीफायर में MERV-13 फिल्टर इस्तेमाल होता है, न कि असली HEPA फिल्टर. दोनों में अंतर है. आइए समझते हैं कि घर पर ऐसा एयर प्यूरीफायर कैसे बनाया जा सकता है, कितना सामान लगेगा और क्या यह दिल्ली-NCR के प्रदूषण से बचाने में मदद कर सकता है.
सबसे पहले समझिए HEPA और MERV-13 फिल्टर में अंतर
एयर प्यूरीफायर बनाने से पहले फिल्टर को समझना जरूरी है. बाजार में HEPA और MERV जैसे नाम अक्सर सुनने को मिलते हैं, लेकिन ये एक जैसे नहीं हैं.
HEPA का पूरा नाम High Efficiency Particulate Air है. इस तरह के फिल्टर हवा में मौजूद बहुत छोटे कणों को पकड़ने के लिए बनाए जाते हैं. अमेरिका में HEPA की सामान्य परिभाषा के मुताबिक, यह 0.3 माइक्रोमीटर आकार के कम से कम 99.97 फीसदी कणों को फिल्टर कर सकता है.
वहीं, MERV-13 एक अलग रेटिंग सिस्टम है. यह HVAC यानी घरों और इमारतों में हवा पहुंचाने वाले सिस्टम के फिल्टर की क्षमता बताता है. CDC के मुताबिक, MERV-13 फिल्टर 1 से 3 माइक्रोमीटर आकार के कणों को कम से कम 85 फीसदी तक पकड़ सकता है.
इसका मतलब यह है कि MERV-13 एक अच्छा फिल्टर विकल्प है, लेकिन इसे HEPA फिल्टर कहना सही नहीं होगा. अगर आप घर पर कम खर्च में एयर क्लीनर बनाना चाहते हैं तो MERV-13 फिल्टर वाला डिजाइन एक प्रैक्टिकल विकल्प है.
घर पर एयर प्यूरीफायर बनाने के लिए क्या-क्या सामान चाहिए?
घर पर एयर क्लीनर बनाने के कई तरीके हैं. सबसे आसान तरीका एक पंखे के साथ एक एयर फिल्टर लगाना है. वहीं, ज्यादा इफेक्टिव डिजाइन के लिए चार फिल्टर वाला Corsi-Rosenthal Box बनाया जा सकता है.
इसके लिए आपको 20x20 इंच के चार HVAC फिल्टर चाहिए. कोशिश करें कि ये MERV-13 रेटिंग वाले हों. फिल्टर की मोटाई 2 से 4 इंच हो तो बेहतर है. इसके अलावा एक उपयुक्त 20x20 इंच का बॉक्स फैन, मजबूत कार्डबोर्ड, डक्ट टेप और कैंची की जरूरत होगी.
ध्यान रहे कि पंखा ऐसा होना चाहिए जो फिल्टर के जरिए हवा खींचकर दूसरी तरफ बाहर निकाल सके. केवल किसी भी सामान्य टेबल या पेडस्टल फैन के पीछे फिल्टर बांध देने से वैज्ञानिक रूप से जांचा हुआ एयर प्यूरीफायर नहीं बन जाता.
कैसे बनाएं चार फिल्टर वाला Corsi-Rosenthal Box?
इस डिजाइन में चार फिल्टर को एक चौकोर बॉक्स की तरह लगाया जाता है. इसका फायदा यह है कि हवा को फिल्टर करने के लिए ज्यादा सतह मिलती है. इससे पंखे पर दबाव कम होता है और ज्यादा हवा फिल्टर होकर बाहर निकल सकती है.
सबसे पहले चारों फिल्टर को जमीन पर रखें. ध्यान दें कि हर फिल्टर पर हवा के बहाव की दिशा बताने वाला एक तीर बना होता है. चारों फिल्टर को इस तरह लगाएं कि उनके तीर बॉक्स के अंदर की तरफ हों.
अब डक्ट टेप की मदद से चारों फिल्टर के किनारों को आपस में जोड़ दें. इससे एक चौकोर ढांचा तैयार हो जाएगा. इस दौरान ध्यान रखें कि फिल्टर के बीच कहीं भी खाली जगह न रहे. अगर हवा किनारों से बिना फिल्टर हुए निकल गई तो एयर क्लीनर की क्षमता कम हो जाएगी.
इसके बाद इस चौकोर ढांचे के नीचे मजबूत कार्डबोर्ड लगाकर बंद कर दें. ऊपर की तरफ पंखा लगाया जाएगा. पंखे को इस तरह लगाना है कि वह फिल्टर के जरिए हवा खींचे और साफ की गई हवा को ऊपर की तरफ बाहर निकाले.
पंखे और फिल्टर के बीच भी डक्ट टेप लगाकर सभी खाली जगह बंद कर दें. इसके बाद पंखे के सामने वाले हिस्से पर कार्डबोर्ड का एक गोल छेद वाला कवर लगाएं. इसे शाउड कहा जाता है. यह हवा के बहाव को बेहतर बनाने में मदद करता है. इस तरह आपका Corsi-Rosenthal Box तैयार हो जाएगा.
सिर्फ एक फिल्टर से भी बना सकते हैं सस्ता एयर क्लीनर
अगर चार फिल्टर खरीदना आपके बजट से बाहर है तो एक फिल्टर वाला डिजाइन भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए एक उपयुक्त बॉक्स फैन और उसी आकार का एक MERV-13 फिल्टर चाहिए.
फिल्टर को पंखे के उस हिस्से पर लगाना है जहां से हवा अंदर खिंचती है. फिल्टर पर बने एयरफ्लो के तीर की दिशा का ध्यान रखें. पंखा हवा को पहले फिल्टर से खींचेगा और फिर दूसरी तरफ बाहर निकालेगा.
डक्ट टेप से फिल्टर के चारों किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें. इसके बाद पंखे के सामने कार्डबोर्ड का शाउड लगाएं. इससे हवा का बहाव बेहतर हो सकता है.
यह डिजाइन चार फिल्टर वाले बॉक्स के मुकाबले बनाना आसान और कम खर्चीला है. लेकिन इसकी हवा साफ करने की क्षमता भी कम हो सकती है.
क्या DIY एयर प्यूरीफायर सच में प्रदूषण कम करता है?
यह सबसे जरूरी सवाल है. इसका जवाब सिर्फ इंटरनेट पर मौजूद दावों से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक जांच से मिलता है. अमेरिकी EPA ने DIY एयर क्लीनर के अलग-अलग डिजाइन की जांच की है. इस जांच में पाया गया कि एक फिल्टर और बॉक्स फैन वाले डिजाइन का CADR करीब 111 CFM था. CADR यानी Clean Air Delivery Rate यह बताता है कि कोई एयर क्लीनर एक मिनट में कितनी साफ हवा दे सकता है.
जब इसी डिजाइन में कार्डबोर्ड का शाउड लगाया गया तो CADR बढ़कर करीब 156 CFM हो गया. वहीं, चार फिल्टर वाले Corsi-Rosenthal Box का CADR करीब 401 CFM तक पहुंच गया.
इसका मतलब है कि चार फिल्टर वाला डिजाइन एक फिल्टर वाले डिजाइन के मुकाबले काफी ज्यादा हवा साफ कर सकता है. हालांकि, यह आंकड़े अमेरिका में किए गए नियंत्रित टेस्टिंग के हैं. भारत के हर घर में इसका परिणाम बिल्कुल ऐसा ही होगा, इसकी गारंटी नहीं है.
HEPA फिल्टर लगाकर भी बना सकते हैं एयर प्यूरीफायर?
अगर आप खास तौर पर HEPA फिल्टर इस्तेमाल करना चाहते हैं तो ऐसा भी किया जा सकता है. लेकिन यहां एक तकनीकी बात समझना जरूरी है.
HEPA फिल्टर से हवा गुजारने के लिए सही क्षमता वाला पंखा या ब्लोअर चाहिए. HEPA फिल्टर में हवा का प्रतिरोध ज्यादा हो सकता है. अगर सामान्य पंखा उस प्रतिरोध के बावजूद पर्याप्त हवा नहीं खींच पा रहा है तो फिल्टर लगाने के बाद भी एयर क्लीनर प्रभावी तरीके से काम नहीं करेगा.
इसीलिए बाजार में मिलने वाले HEPA एयर प्यूरीफायर में फिल्टर के साथ उसके हिसाब से तैयार किया गया फैन सिस्टम होता है. CDC भी बताता है कि HEPA फिल्ट्रेशन के लिए अक्सर अलग से डिजाइन किया गया फैन सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क