वॉट्सऐप के नए यूजरनेम फीचर पर बवाल फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस मामले में भारत सरकार और वॉट्सऐप एक तरह से आमने सामने हैं. सरकार ने इस फीचर स्कैमर्स के लिए फायदेमंद बताते हुए कंपनी से भारत में रोक लगाने को कहा है. दूसरी तरफ वॉट्सऐप दलील दे रहा है कि ये यूजर्स की प्राइवेसी के लिए है. अब इस मामले पर एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक (MeitY) के अधिकारियों ने मेटा की टीम के साथ आज यानी 3 जुलाई को बैठक की. यह बैठक सरकार की ओर से भेजे गए नोटिस के बाद हुई, जिसमें WhatsApp के Username फीचर पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
बैठक के दौरान मंत्रालय के अधिकारियों ने मेटा को बताया कि सरकार को इस फीचर को लेकर क्या-क्या चिंताएं हैं. सूत्रों के मुताबिक सरकार का मानना है कि अगर बिना पर्याप्त सेफ्टी के यह फीचर लागू किया गया तो ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और किसी दूसरे की पहचान बनाकर लोगों को ठगने जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है.
सरकार ने Meta से इस फीचर पर विस्तार से जवाब मांगा है. कंपनी को तीन दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सफाई देनी है. शुक्रवार की बैठक में अंतिम फैसला नहीं हुआ. मेटा तय समयसीमा के भीतर अपना आधिकारिक जवाब सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा.
क्या है वॉट्सऐप यूजरनेम मामला?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब केंद्र सरकार ने वॉट्सऐप को भारत में यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं करने को कहा. सरकार का कहना है कि मोबाइल नंबर की जगह यूजरनेम से बातचीत शुरू करने की सर्विस का गलत इस्तेमाल हो सकता है.
ठग किसी बैंक, सरकारी विभाग, कंपनी या किसी मशहूर व्यक्ति से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को आसानी से निशाना बना सकते हैं.
दूसरी तरफ मेटा का कहना है कि यूजरनेम फीचर का मकसद यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाना है. कंपनी के मुताबिक इससे लोगों को अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना बातचीत शुरू करने की सुविधा मिलेगी. मेटा का दावा है कि बड़े ब्रांड, सरकारी संस्थानों और हस्तियों के यूजरनेम सुरक्षित रखे जाएंगे. इसके अलावा यूजरनेम को पब्लिकली खोजा भी नहीं जा सकेगा और कंपनी ने कई उपाय भी तैयार किए हैं.
इस बीच सरकार ने सिर्फ वॉट्सऐप ही नहीं, बल्कि Telegram और Signal को भी नोटिस भेजा है. सरकार इन प्लेटफॉर्म्स से भी जानना चाहती है कि यूजरनेम जैसी सुविधा का दुरुपयोग रोकने के लिए उनके पास क्या सुरक्षा व्यवस्था है.
मुन्ज़िर अहमद