हाईटेक दुनिया में अब चोरी और लूटने के तरीके बदल चुके हैं. अब लोगों को वर्चुअल वर्ल्ड में टारगेट बनाया जा रहा है और उनसे रुपये ठगे जा रहे हैं. यूं तो साइबर स्कैमर्स अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करके लोगों को शिकार बनाते हैं, जिनमें से एक तरीका फेक कैशबैक भी है.
साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने के लिए 'कैशबैक चक्रव्यूह' तैयार करते हैं. इसमें वे लोगों को लालच के जाल में फंसाते हैं, जो फेक रिफंड से लेकर 80 परसेंट तक के डिस्काउंट के रूप में शामिल होता है. हालांकि आखिर में जाकर पता चलता है कि यह फेक है.
कैशबैक चक्रव्यूह का क्या है मकसद?
कैशबैक चक्रव्यूह का मकसद लोगों को आसानी से शिकार बनाने का है. अक्सर लोग रिफंड और डिस्काउंट के लालच में आकर डिटेल्स और वन टाइम पासवर्ड (OTP) एंटर कर देते हैं.
सेफ्टी के लिए जरूरी है कि ओटीपी वाले मैसेज को पूरा पढ़ें और अगर वह बैंक आदि का मैसेज तो उसे भूलकर भी किसी दूसरे शख्स या प्लेटफॉर्म के साथ शेयर ना करें.
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कैशबैक का चक्रव्यूह ऐसे काम करता है
साइबर ठगों की चाल ऐसे पहचानें
साइबर ठगों के कैशबैक चक्रव्यूह को तोड़ना बहुत ही आसान है. इसके लिए पहले उनको पहचाना होगा, जिसके लिए कुछ खास टिप्स जान लेते हैं.
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'कैशबैक लेने के लिए UPI PIN डालना होगा'
UPI PIN का इस्तेमाल सिर्फ पेमेंट करने के लिए किया जाता है. रकम रिसीव करने के लिए किसी UPI PIN एंटर नहीं करना होता है. इसलिए फर्जी दावों से दूर रहें.
रोहित कुमार