इमोजी के नाम पर बनी इस कंपनी को Nvidia खरीदने की तैयारी में, 1.24 लाख करोड़ की डील!

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी Nvidia आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेस में पहले से ही काफी कुछ कर रही है. जितनी तेजी से AI फल फूल रहा है ये कंपनी उनते फायदे में है, क्योंकि एआई के हाई एंड चिप यही बनाती है. अब ये गूगल और ओपन एआई को टक्कर देने के लिए खुद के ही मॉडल्स पर काम कर रही है. इसलिए अभी ये कई कंपनियों को खरीदेगी.

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Nvidia shares crash on Q4 earnings  Nvidia shares crash on Q4 earnings

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:04 PM IST

Nvidia को AI दौर आने के पहले तक ग्राफिक्स कार्ड बनाने वाली कंपनी के तौर पर जाना जाता था. लेकिन अब ये दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. AI हार्डवेयर में इसका बोलबाला है, लेकिन अब AI मॉडल्स लाने की तैयारी में है. बहरहाल, एक दिचस्प डेवेलपमेंट ये है कि Nvidia, इमोजी के नाम वाली कंपनी Hugging Face को खरीदने की बात कर रही है.

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Hugging Face AI डेवलपर्स के बीच काफी फेमस प्लेटफॉर्म है. यहां डेवलपर्स अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल अपलोड करते हैं और दूसरे लोगों के साथ शेयर भी करते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, एनवीडिया इस प्लेटफॉर्म को खरीदने के लिए 13 बिलियन अमेरिकी डॉलर्स 1.23 लाख करोड़ रुपये देने को तैयार है. बताया जाता है कि हगिंग फेस का नाम दरअसल एक इमोजी से इंस्पायर है.

हगिंग फेस में ऐसा क्या खास है और एनवीडिया इसे क्यों खरीदना चाहती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं. आज के समय में डेवलपर्स नए-नए सॉफ्टवेयर और AI मॉडल तैयार करते हैं. इन्हीं डेवलपर्स के लिए हगिंग फेस प्लेटफॉर्म बनाया गया है.

इसकी मदद से डेवलपर्स अपने नए प्रोजेक्ट शेयर कर सकते हैं, नए AI मॉडल खोज सकते हैं और उनका इस्तेमाल भी कर सकते हैं. यह एक काफी फेमस ओपन-सोर्स AI कम्युनिटी प्लेटफॉर्म है.

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Nvidia की नजर इस पर क्यों है?

Nvidia एक ग्राफिक कार्ड और चिप बनाने वाली कंपनी है. लेकिन हगिंग फेस को खरीदकर कंपनी AI डेवलपर्स के और करीब आना चाहती है. इससे डेवलपर्स को एनवीडिया की चिप्स और AI तकनीक का इस्तेमाल करने का मौका मिल सकता है. एनवीडिया के लिए यह AI की दुनिया में अपनी पकड़ और मजबूत करने का एक तरीका हो सकता है.

गौरतलब है कि Nvidia ने साल 2023 में भी Hugging Face में निवेश किया था. इसके बाद कंपनी ने एनवीडिया के एक बड़े निवेश ऑफर को रिजेक्ट कर दिया था, क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि किसी एक कंपनी का प्लेटफॉर्म पर बहुत ज्यादा प्रभाव हो. एनवीडिया दरअसल इस डील के जरिए AI की दुनिया में अपनी पोजीशन और मजबूत करना चाहती है.

AI के बढ़ते दौर में सिर्फ हार्डवेयर ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर और AI मॉडल भी काफी जरूरी हो गए हैं. हगिंग फेस जैसे प्लेटफॉर्म को अपने साथ जोड़ने से एनवीडिया को AI डेवलपर्स तक सीधी पहुंच मिल सकती है. इससे कंपनी अपने हार्डवेयर और AI टेक्नोलॉजी को ज्यादा से ज्यादा डेवलपर्स तक पहुंचा सकती है

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