चीनी हैकर्स ने मचाया हाहाकार, AI की मदद से बनाया शिकार, दुनियाभर की कंपनियों पर संकट

साइबर हैकिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां माइक्रोसॉफ्ट ने आरोप लगाए गए हैं चीन समर्थित एक ग्रुप ने आईटी कंपनी कनेक्टवाइज को निशाना बनाया है. इससे दुनियाभर में कंपनी और ऑर्गनाइजेशन को शिकार बनाने की कोशिश की है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का यूज किया है.

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AI की मदद से ढेरों पोर्टल को बनाया शिकार. (Photo: Unsplash) AI की मदद से ढेरों पोर्टल को बनाया शिकार. (Photo: Unsplash)

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:14 AM IST

साइबर हैकिंग के एक बड़े मामले का खुलासा किया है. न्यू हैकिंग में हैकर्स ने कनेक्टवाइज को निशाना बनाया है, जिससे दुनियाभर में मौजूद सैकड़ों कंपनियों और ऑर्गनाइजेशन पर हमले का आरोप हैं.रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह साइबर अटैक चीनी समर्थित हैकर्स ने अंजाम दिया है, जिसके लिए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल किया है. 

रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को बताया है कि चीन से जुड़े एक सरकारी समर्थित ग्रुप ने AI आधारित पेनिट्रेशन टेस्टिंग टूल का इस्तेमाल किया है. इसके बाद हैकर्स ग्रुप ने IT सर्विस कंपनी कनेक्टवाइज के सिस्टम को हैक कर लिया है. 

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बड़े साइबर अटैक का हिस्सा था

रिपोर्ट में दावा किया है कि हैकर्स द्वारा किया गया ये साइबर अटैक असल में दुनियाभर के सैकड़ों संगठनों को निशाना बनाकर चलाए गए एक बड़े साइबर अटैक का हिस्सा था. 

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डेटा और एनालाइज के आधार पर चीन का नाम 

माइक्रोसॉफ्ट और कनेक्टवाइट के एनालाइज और मौजूदा सबूतों के आधार पर बताया है कि ऐसा लगता है कि कनेक्टवाइज क्लाउड बैकअप पर हुए हमले के पीछे चीन से जुड़ा एक राज्य समर्थित हैकिंग ग्रुप है. 

CEO ने कही ये बात 

कनेक्टवाइज के सीईओ मैनी रिवेलो ने एक बयान में कहा है कि कनेक्टवाइज ने प्रभावित ऐप्लीकेशन कनेक्शन को सीमित कर दिया है. अब इनको आगे फेज वाइज तरीके से रोलआउट किया जा सकेगा. 

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चीन ने नहीं दिया है जवाब 

रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया है कि वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने इस मामले पर अभी जवाब नहीं दिया है. चीन पहले भी साइबर अटैक से डेटा चोरी कराने के आरोपों से इनकार करता रहा है. 

ARTEX नाम के फ्रेमवर्क का िस्तेमाल 

माइक्रोसॉफ्ट ने बताया है कि जिस हैकिंग ग्रुप को वह स्ट्रोम 0940 के नाम से ट्रैक करता है, उसने इस अभियान को अंजाम देने के लिए ARTEX नाम के ओपन-सोर्स पेनिट्रेशन टेस्टिंग फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया है. 

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