एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुके पैरा एथलीट नीरज यादव की मौत के मामले में पुलिस जांच कर रही है. नीरज 27 अक्टूबर की रात दिल्ली के मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास अपनी कार के बगल में सड़क पर पड़े मिले थे. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
पुलिस निजी रिश्तों समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं, एक महिला मित्र से रिश्ते में तनाव की बात भी सामने आई है. हालांकि, उनकी मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है.
पुलिस के मुताबिक, 28 अक्टूबर को रात करीब 12:08 बजे जाफराबाद पुलिस स्टेशन को जीटीबी अस्पताल से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को इमरजेंसी में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद एसआई विशाल त्यागी पुलिसकर्मियों के साथ अस्पताल पहुंचे. उस समय शव को अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया था.
जांच के दौरान नीरज को अस्पताल ले जाने वाली महिला ने बताया कि दिसंबर 2025 से उसकी नीरज के साथ दोस्ती थी. 27 अक्टूबर को वह हरियाणा के सोनीपत में नीरज से मिलने गई थी. महिला के मुताबिक, उसने नीरज से कहा कि वह आगे उनसे संपर्क में नहीं रह सकती.
इसके बाद नीरज अपनी स्कॉर्पियो-एन कार से उसे दिल्ली के मौजपुर छोड़ने गए. रात करीब 9 बजे महिला को संदेह हुआ और वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास पहुंची. वहां उसने नीरज को कार के बगल में सड़क पर पड़ा देखा. इसके बाद वह उन्हें अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू की है. मामले की आगे की जांच जारी है. डीसीपी नॉर्थ ईस्ट राहुल अलवाल ने भी इस मामले की पूरी जानकारी दी.
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सोनीपत में चलाते थे ऑनलाइन स्पोर्ट्स एकेडमी
जांच में सामने आया कि नीरज यादव पैरा एथलीट थे और हरियाणा के सोनीपत में 'अंशनीर स्पोर्ट्स एकेडमी' (Anshneer Sports Academy) के नाम से ऑनलाइन स्पोर्ट्स एकेडमी चलाते थे. वह शादीशुदा थे और उनके परिवार में पत्नी तथा तीन साल की बेटी है.
पुलिस को महिला ने क्या बयान दिया?
पुलिस को दिए बयान में महिला ने बताया कि दिसंबर 2025 से उसकी नीरज यादव के साथ दोस्ती थी. 27 अक्टूबर 2026 को वह उनसे मिलने सोनीपत गई थी. महिला के मुताबिक, उसने नीरज से कहा कि वह आगे उनसे संपर्क में नहीं रह सकती. इसके बाद नीरज अपनी स्कॉर्पियो-एन कार से उसे दिल्ली के मौजपुर छोड़ने गए. रात करीब 9 बजे महिला को संदेह हुआ और वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास पहुंची. वहां उसने नीरज को उनकी कार के बगल में सड़क पर पड़ा देखा. इसके बाद महिला उन्हें अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस को 28 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12:08 बजे अस्पताल से इस संबंध में सूचना मिली थी.
डोपिंग बैन से करियर को लगा था बड़ा झटका
नीरज चार साल के डोपिंग बैन का सामना कर रहे थे. प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद 2023 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में जीते उनके दो गोल्ड मेडल छीन लिए गए थे. इसके साथ ही उन्हें मिलने वाली इनामी राशि और उत्तर प्रदेश में क्लास-I सरकारी नौकरी पाने की संभावनाओं को भी झटका लगा.
पीटीआई के मुताबिक- भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम के हेड कोच एस सत्यनारायण के मुताबिक, हांगझोऊ में दो गोल्ड जीतने के बाद नीरज को 3 करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि और सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद थी. कोच ने बताया कि डोपिंग मामले के बाद नीरज काफी तनाव में थे. उन्होंने कुछ महीने पहले उनसे एशियन पैरा गेम्स के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की संभावना के बारे में भी पूछा था, लेकिन प्रतिबंध की अवधि बाकी होने के कारण ऐसा संभव नहीं था.
नीरज ने अपने करियर में F55 कैटेगरी में तीन गोल्ड मेडल जीते थे. इनमें 2018 जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक और 2023 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक तथा डिस्कस के गोल्ड शामिल थे. सात साल की उम्र में उन्हें पोलियो के बाद होने वाले लकवे का पता चला था. उन्होंने शुरुआत में व्हीलचेयर टेनिस खेला और बाद में पैरा एथलेटिक्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई.
पुलिस निजी रिश्तों और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है. फिलहाल यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि महिला मित्र से रिश्तों में तनाव या डोपिंग प्रतिबंध ही उनकी मौत की वजह था.
हिमांशु मिश्रा / अरविंद ओझा