15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का सेमीफाइनल एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी की चमक दिखाने वाला मंच बना. सोमवार को ईस्ट जोन की ओर से बल्लेबाजी करने उतरे वैभव ने 92 रनों की शानदार पारी खेली. शतक से वह महज 8 रन दूर रह गए, लेकिन आउट होने से पहले उन्होंने मैदान पर अपने आक्रामक अंदाज की पूरी झलक दिखा दी.
हालांकि, वैभव की इस पारी की कहानी सिर्फ 92 रनों की नहीं थी. इसकी शुरुआत ही एक ऐसे मुकाबले से हुई, जिसमें हर गेंद पर रोमांच था.
ईस्ट जोन की पारी के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर वैभव ने एक रन ले लिया. अब यश ठाकुर आए गेंदबाजी पर ...और स्ट्राइक पर थे वैभव सूर्यवंशी.
दूसरी ही गेंद पर बाल-बाल बचे
यानी खाता खुलने से पहले ही वैभव का खेल खत्म हो सकता था. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने इस मुकाबले को दिलचस्प बना दिया.
यानी कुछ ही गेंदों में जिंदगी भी मिली, बीट भी हुए, डिफेंस भी किया और दो चौके भी जड़ दिए.
यश ठाकुर ने फिर ली परीक्षा
यश ठाकुर और वैभव की यह जंग यहीं खत्म नहीं हुई.
चौथे ओवर में दोनों फिर आमने-सामने थे.
यानी यश ठाकुर की गेंदबाजी में जहां वैभव को शुरुआत में कई बार परेशान होना पड़ा, वहीं मौका मिलते ही इस किशोर बल्लेबाज ने गेंद को बाउंड्री के बाहर पहुंचाने में जरा भी हिचक नहीं दिखाई.
92 पर थमा बल्ला, शतक रह गया 8 रन दूर
शुरुआती संघर्ष के बाद वैभव ने अपनी पारी को संभाला और फिर रन बनाते चले गए. उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ-साथ धैर्य भी नजर आया. देखते ही देखते वह शतक के करीब पहुंच गए. लेकिन 92 रन के स्कोर पर उनका सफर थम गया.
शतक से सिर्फ 8 रन दूर वैभव पवेलियन लौटे. उनके बल्ले से निकली यह पारी एक बार फिर बता गई कि उम्र भले ही सिर्फ 15 साल हो, लेकिन बड़े मंच पर दबाव झेलने और गेंदबाजों पर पलटवार करने का हुनर इस युवा बल्लेबाज में तेजी से निखर रहा है.
और इस पारी की सबसे खास तस्वीर शायद वही थी- दूसरी गेंद पर आउट होने से बाल-बाल बचने वाला वैभव, कुछ ही देर बाद उसी गेंदबाज के खिलाफ चौका और छक्का जड़ रहा था.
यश ठाकुर बनाम वैभव सूर्यवंशी की यह छोटी-सी जंग दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में एक यादगार मुकाबले की तरह दर्ज हो गई.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क