डरबन के किंग्समीड मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मैट रेनशॉ अपने दमदार प्रदर्शन से फैन्स का ध्यान खींच लिया है. हालांकि वह अपने दोहरे शतक से चूक गए. 21 चौके और एक छक्के की मदद से 190 रन बनाकर वह अपना विकेट गंवा बैठे.
मैट रेनशॉ की इस दमदार पारी ने कंगारू टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी पहली पारी में 390 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में सफल रही.
मैट रेनशॉ के टेस्ट करियर का यह दूसरा शतक है, लेकिन खास बात यह है कि रेड-बॉल क्रिकेट में उनका यह शतक पूरे 9 साल के लंबे इंतजार के बाद आया है. इससे पहले उन्होंने जनवरी 2017 में सिडनी के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ 184 रनों की पारी खेली थी.
इस शानदार वापसी के साथ ही उन्होंने 2014 के बाद दक्षिण अफ्रीका की धरती पर और 2009 के बाद डरबन के किंग्समीड मैदान पर शतक जड़ने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बनकर एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.
दोहरा शतक बनाने से चूक गए रेनशॉ
मैच के पहले दिन जब ऑस्ट्रेलिया की टीम 84 रन के स्कोर पर अपने 3 अहम विकेट गंवाकर गहरे संकट में थी, तब रेनशॉ ने एक छोर पर चट्टान की तरह खड़े होकर पारी को संभाला.कप्तान पैट कमिंस के साथ मिलकर उन्होंने सातवें विकेट के लिए 86 रनों की बेहद अहम साझेदारी की, जिसने टीम को संकट से बाहर निकाला.
अफ्रीकी गेंदबाजों की खूंखार गेंदबाजी के आगे रेनशॉ ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पहले अपने शतक को पूरा किया. इसके बाद उन्होंने गियर बदलते हुए तेजी से रन बटोरे और अपने दोहरे शतक के बेहद करीब पहुंच गए, लेकिन 190 के निजी स्कोर पर उनका यह शानदार सफर थम गया.
दक्षिण अफ्रीका की ओर से गेंदबाजी में वियान मुल्डर ने सबसे ज्यादा 4 विकेट चटकाए, जबकि मार्को यान्सन और एनरिक नॉर्टजे को 2-2 सफलताएं मिलीं. इसके बावजूद रेनशॉ की यह दमदार पारी टेस्ट क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारियों में याद की जाएगी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क