महान खिलाड़ी अपनी पहचान मुश्किल परिस्थितियों में बनाते हैं. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने रविवार (19 जुलाई) के लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर ठीक वही किया. इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे से पहले रोहित के इंटरनेशनल करियर पर सवाल उठ रहे थे. पहले दो मैचों में क्रमश: 11 और 26 रन बनाने के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि अब टीम इंडिया वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी में आगे बढ़ेगी और रोहित का सफर यहीं खत्म हो सकता है.
हालात ऐसे बन गए कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया को सार्वजनिक रूप से कहना पड़ा कि लॉर्ड्स ओडीआई रोहित शर्मा का आखिरी मैच नहीं है. लेकिन रोहित ने किसी बयान या सफाई का सहारा नहीं लिया. 'हिटमैन' ने अपने बल्ले को ही जवाब देने दिया.
388 रनों का लक्ष्य, सामने इंग्लैंड की मजबूत गेंदबाजी और दूसरी तरफ अपने भविष्य को लेकर उठते सवाल. इन सबके बीच रोहित शर्मा ने शुरुआत से ही अपने अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने 110 गेंदों में 138 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे. एक समय ऐसा लग रहा था कि रोहित अकेले दम पर भारत को ऐतिहासिक जीत दिला देंगे. हालांकि मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और भारत 27 रनों से मुकाबला हार गया.
आखिरी मैच में धूम-धड़ाका करने की आदत
रोहित शर्मा के करियर का एक दिलचस्प पैटर्न भी सामने आया है. पिछली पांच में से चार वनडे सीरीज के दौरान आखिरी मुकाबलों में उन्होंने बड़े स्कोर बनाए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में नाबाद 121 रनों की पारी खेली. फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम ओडीआई में 75 रन ठोके. अफगानिस्तान के खिलाफ चेपॉक में रोहित के बल्ले से 79 रन निकले. अब लॉर्ड्स में उन्होंने बल्ले से धमाका कर दिया. यानी जब भी किसी सीरीज का आखिरी मैच आया, रोहित ने अपने बल्ले से सबसे जोरदार जवाब दिया.
अब कैसे करेंगे रोहित शर्मा को बाहर?
टीम इंडिया फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है. आगामी वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर युवा खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है. यशस्वी जायसवाल जैसे युवा ओपनर टीम में जगह बनाने का इंतजार कर रहे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चयनकर्ता अब यशस्वी जायसवाल को ज्यादा मौके देना चाहते हैं, लेकिन लॉर्ड्स की इस पारी ने चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है- क्या सिर्फ उम्र के आधार पर रोहित शर्मा को बाहर किया जा सकता है?
39 वर्षीय रोहित शर्मा ने दिखा दिया कि बड़े मैचों में दबाव झेलने की उनकी क्षमता आज भी भारत के किसी भी बल्लेबाज से कम नहीं है. तीन दोहरे शतक, 34 वनडे शतक और बड़े टूर्नामेंटों में लगातार मैच जिताने वाला यह बल्लेबाज अब भी टीम के लिए मैच विनर साबित हो सकता है.
लॉर्ड्स ओडीआई से पहले चर्चा थी कि रोहित शर्मा का करियर खत्म होने की ओर है. लेकिन मैच खत्म होने के बाद चर्चा बदल चुकी है. अब सवाल यह नहीं है कि रोहित कब रिटायर होंगे, बल्कि यह है कि क्या टीम इंडिया अभी उनके बिना आगे बढ़ने का जोखिम उठा सकती है?
भारतीय टीम भले ही सीरीज हार गई, लेकिन रोहित शर्मा ने यह जरूर साबित कर दिया कि उनका अध्याय अभी खत्म नहीं हुआ है. वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक पहुंचने की राह आसान नहीं होगी, लेकिन लॉर्ड्स की 138 रन की पारी ने यह संदेश साफ कर दिया कि 'हिटमैन' अभी लड़ाई से बाहर नहीं हुए हैं. उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि अपने करियर के लिए एक और मौका खुद हासिल कर लिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क