भारतीय क्रिकेट में अपनी तेज रफ्तार और धारदार गेंदबाजी से तहलका मचाने वाले युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव इन दिनों काफी चर्चा में हैं. हाल ही में पूर्व भारतीय बल्लेबाज और क्रिकेट एनालिस्ट आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर प्रिंस यादव का एक दिल को छू लेने वाला इंटरव्यू लिया.
इस बातचीत के दौरान प्रिंस ने अपनी जिंदगी से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया. प्रिंस यादन ने बताया कि टेनिस बॉल क्रिकेट की धूल-मिट्टी से लेकर टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम तक का यह सफर तय करना किसी सपने से कम नहीं है.
इंटरव्यू के दौरान जब आकाश चोपड़ा ने प्रिंस यादव से पूछा कि अगर उनकी जान पर बन आए और उन्हें सिर्फ एक गेंद फेंकनी हो तो वह लेदर बॉल चुनेंगे या टेनिस बॉल? इस पर प्रिंस ने बिना एक पल गंवाए सीधा जवाब दिया कि वह टेनिस बॉल को ही चुनेंगे.
प्रिंस ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी का अधिकांश समय टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते हुए ही बिताया है. गलियों और मैदानों में भारी लाल टेनिस बॉल से गेंदबाजी करते-करते ही उन्होंने अपनी गेंदबाजी की बुनियादी कला को सीखा है.
टीम इंडिया में मिली एंट्री तो सो रहे थे प्रिंस
प्रिंस ने बड़े ही सरल अंदाज में बताया कि कैसे उन्होंने बिना किसी हाई-फाई एकेडमी के अपनी मेहनत के दम पर नकल बाउंसर और यॉर्कर फेंकने की कला को विकसित किया. टेनिस बॉल से मिलने वाला स्पंजी बाउंस और उंगलियों का इस्तेमाल करना उन्होंने वहीं से सीखा, जो आज इंटरनेशनल स्तर पर उनके काम आ रहा है. प्रिंस ने संसाधनों की कमी के बावजूद अपने सपनों को टूटने नहीं दिया.
प्रिंस यादव ने बताया कि जब भारतीय टीम में उनका सेलेक्शन हुआ तो वह फोन साइलेंट करके सो रहे थे. जब वह उठे तो बहुत सारे कॉल आए थे और फिर उन्हें पता चला कि उनका सेलेक्शन टीम इंडिया में हो गया है. इसके बाद सबसे पहले उन्होंने अपनी मम्मी को कॉल करके बताया है.
विराट कोहली के खिलाफ गेंदबाजी करने का अनुभव
बातचीत में जब विराट कोहली के सामने गेंदबाजी करने की बात आई तो प्रिंस ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ अपने प्लान शेयर किए. जब प्रिंस ने आईपीएल में कोहली का विकेट लिया तो वह बेहद खुश हुए थे. मैच के बाद प्रिंस के पिता ने उन्हें अगले मैचों पर फोकस रखने के लिए कहा था. इसके अलावा प्रिंस यादव ने बताया कि एक बार वीरेंद्र सहवाग एक लोकल टूर्नामेंट खेलने आए थे तब उनके चाचा ने सहवाग को आउट किया था.
उन्होंने बताया कि दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करना कोई आसान काम नहीं है. खासकर तब जब वे आपकी रणनीति से वाकिफ हों. प्रिंस ने यह भी शेयर किया कि कैसे वह अपनी गलतियों से सीखते हैं. यदि कोई बल्लेबाज उनकी किसी अच्छी गेंद पर भी शानदार शॉट खेल देता है तो वह उस गेंद को दोबारा दोहराने से नहीं हिचकिचाते, लेकिन अगर कोई खराब गेंद बाउंड्री पार चली जाती है तो वह अपनी रणनीति तुरंत बदल लेते हैं.
पिता को नहीं पसंद था प्रिंस यादव का क्रिकेट खेलना
बता दें कि रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में तैनात एएसआई प्रिंस यादव के पिता राम निवास यादव अपने सबसे छोटे बेटे के भविष्य को लेकर अक्सर फिक्रमंद रहते थे. वजह यह थी कि प्रिंस का पूरा ध्यान सिर्फ टेनिस बॉल क्रिकेट खेलने पर ही रहता था. पिता की इस बेताबी और चिंता को भांपते हुए एक दिन प्रिंस ने बड़े ही आत्मविश्वास से कहा कि पापा, आप मेरी फिक्र करना छोड़ दीजिए, मैं अपने दम पर कुछ करके दिखाऊंगा. लेकिन पिता चाहते थे कि प्रिंस सरकारी नौकरी करें. लेकिन आखिरकार प्रिंस यादव ने अपने सपनों को पूरा करते हुए आखिरकार भारतीय टीम में अपनी जगह बना ली.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क