क्रिकेट की दुनिया में एक नाम ने पाकिस्तान में सबका ध्यान खींचा है. नाम है एडम गिलक्रिस्ट. वही नाम, जिसने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और शानदार विकेटकीपिंग से अलग पहचान बनाई थी. लेकिन इस बार चर्चा ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज की नहीं, बल्कि पाकिस्तान के एक युवा खिलाड़ी की हो रही है, जिसने स्कूल क्रिकेट में शतक ठोककर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है. दिलचस्प बात यह है कि नाम एडम गिलक्रिस्ट होने के बावजूद इस युवा क्रिकेटर का आदर्श ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज नहीं, बल्कि श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा हैं.
कराची में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की अंडर-17 स्कूल क्रिकेट चैम्पियनशिप में खेलने वाले इस बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ने अपनी पारी से मुकाबले का रुख बदल दिया. कामरान पब्लिक स्कूल की ओर से खेलते हुए उन्होंने हैप्पी पैलेस ग्रामर स्कूल के खिलाफ शानदार शतक जड़ा और अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
जिन्ना कॉलेज में खेले गए मुकाबले में युवा एडम गिलक्रिस्ट ने 108 गेंदों पर 117 रन बनाए. उनकी पारी में 11 चौके शामिल रहे और वह करीब 145 मिनट तक क्रीज पर टिके रहे. उनकी जिम्मेदार बल्लेबाजी की बदौलत कमरान पब्लिक स्कूल ने 40 ओवर में 4 विकेट पर 297 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया. गिलक्रिस्ट ने टीम के कुल स्कोर में लगभग 39 प्रतिशत योगदान दिया. इसके बाद कामरान पब्लिक स्कूल ने मुकाबला 172 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया. इस प्रदर्शन के बाद युवा बल्लेबाज सुर्खियों में आ गया है. सोशल मीडिया पर उसका एक वीडियो भी चर्चा में है, जिसमें वह अपने नाम और पसंदीदा क्रिकेटर के बारे में बात करता नजर आता है.
नाम के पीछे क्या है कहानी?
इस युवा खिलाड़ी के नाम के पीछे भी दिलचस्प कहानी है. उसकी मां ने उसका पहला नाम एडम रखा, जबकि क्रिकेट के शौकीन पिता ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट के सम्मान में उसके नाम के साथ 'गिलक्रिस्ट' जोड़ दिया. ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने 96 टेस्ट मैचों में 5570 रन बनाए. वह 1999, 2003 और 2007 में विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे. अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से मैच का रुख बदलने की क्षमता के कारण उन्होंने विश्व क्रिकेट में खास पहचान बनाई.
हालांकि, पाकिस्तान के इस युवा खिलाड़ी ने अपने क्रिकेटिंग हीरो के रूप में किसी और को चुना है. युवा एडम गिलक्रिस्ट श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा को अपना आदर्श मानता है. संगकारा ने टेस्ट क्रिकेट में 12400 रन बनाए और 38 शतक जड़े. बाएं हाथ के बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में उनकी तकनीक, निरंतरता और खेल को समझने की क्षमता ने उन्हें क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शामिल किया.
कुमार संगकारा की बल्लेबाजी से प्रेरित यह युवा खिलाड़ी भी विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहता है. उसका हालिया शतक स्कूल स्तर पर उसकी प्रतिभा का संकेत है, लेकिन आगे के सफर में निरंतर प्रदर्शन और बड़े स्तर पर मौके हासिल करना अहम होगा.
यह मुकाबला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सेकंड स्कूल लेवल टैलेंट हंट चैम्पियनशिप का हिस्सा था. टूर्नामेंट 15 सितंबर से शुरू हुआ है और 5 दिसंबर तक चलेगा. इसमें 100 जिलों के 3300 से अधिक स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से 1200 स्कूलों को प्रतियोगिता के लिए चुना गया. टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम्स जिला और प्रांतीय चरणों से आगे बढ़कर राष्ट्रीय फाइनल तक पहुंचेंगी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क