क्रिकेट इतिहास में जब भी महान ऑलराउंडर्स की बात होती है, तो दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस का नाम सबसे पहले लिए जाने वाले खिलाड़ियों में शामिल होता है. 16 अक्टूबर 1975 को जन्मे कैलिस को क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडर्स में से एक माना जाता है. बल्लेबाजी में रनों का अंबार लगाने के साथ-साथ उन्होंने अपनी गेंदबाजी से भी कई मैचों का रुख बदला है.
मेलबर्न में शतक लगाकर दुनिया को दिखाई अपनी क्लास
कैलिस को इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने में थोड़ा समय लगा, लेकिन 1997 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 101* रनों की पारी ने उनकी बल्लेबाजी का दम दिखा दिया. मुश्किल परिस्थिति में खेली गई इस पारी ने साबित कर दिया कि कैलिस बड़े मैचों में टीम के लिए दीवार बन सकते हैं.
2003-04 में किया शानदार प्रदर्शन
वेस्टइंडीज के खिलाफ 2003-04 की टेस्ट सीरीज कैलिस के करियर की अहम सीरीज रही. उन्होंने 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में रिकॉर्ड रन बनाए. इस दौरान टेस्ट और वनडे क्रिकेट को मिलाकर उनके बल्ले से 6 शतक निकले. कैलिस ने इस 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के चारों मैचों में लगातार शतक (158, 177, 130*, और 130 रन) बनाए.
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वह टेस्ट इतिहास के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो गए जिन्होंने लगातार 4 टेस्ट मैचों में शतक जड़े. उन्होंने इस सीरीज की 7 पारियों में 170 से ज्यादा की औसत से 616 रन बनाए थे. इसके बाद कैलिस की गिनती दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में होने लगी.
2005 में मिला दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान
कैलिस को उनके शानदार प्रदर्शन का इनाम अक्टूबर 2005 में मिला, जब उन्हें ICC अवॉर्ड्स में 'प्लेयर ऑफ द ईयर' और 'टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर' चुना गया. यह सम्मान उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बड़ी पहचान बना.
2007 वर्ल्ड कप में रहे दक्षिण अफ्रीका के टॉप स्कोरर
2007 के वनडे वर्ल्ड कप में कैलिस दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने टूर्नामेंट में 485 रन बनाए. उसी साल घरेलू मैदान पर खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के लिए उन्हें दक्षिण अफ्रीकी टीम में जगह नहीं मिली, लेकिन बाद में उन्होंने टीम में वापसी की.
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टेस्ट और वनडे में 10 हजार रन का आंकड़ा
2008-09 में कैलिस ने वनडे और टेस्ट क्रिकेट, दोनों में 10,000 रन पूरे किए. खास बात यह रही कि उन्होंने ये उपलब्धियां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हासिल की. कैलिस टेस्ट और वनडे (दोनों फॉर्मेट में 10,000 से अधिक रन और 250 से अधिक विकेट लेने वाले) क्रिकेट इतिहास के इकलौते खिलाड़ी हैं.
2010-11 में बल्ले से मचाया तहलका
2010-11 का सीजन कैलिस के लिए बेहद शानदार रहा. नौ टेस्ट पारियों में उन्होंने 821 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और एक अर्धशतक शामिल था. इसी दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला दोहरा शतक भी लगाया.
भारत के खिलाफ शतक के साथ लिया संन्यास
दिसंबर 2013 में भारत के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट में मैच जिताने वाला शतक लगाने के बाद कैलिस ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया. उन्होंने अपने टेस्ट करियर का अंत 13,289 रन और 292 विकेट के साथ किया. वह टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर रहे.
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जैक्स कैलिस का करियर इस बात की मिसाल है कि एक खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में अपनी टीम के लिए कितना बड़ा योगदान दे सकता है. यही वजह है कि उन्हें क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडर्स में गिना जाता है.
कैसा रहा कैलिस का इंटरनेशनल करियर?
Report: Vijay Singh
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क