बेलफास्ट में 26 जून (शुक्रवार) को खेले गए पहले टी20 मुकाबले में क्रिकेट जगत ने एक बड़ा उलटफेर देखा, जब आयरलैंड ने भारत को 34 रनों से हरा दिया. युवा खिलाड़ियों से सजी आयरलैंड की टीम ने मौजूदा टी20 वर्ल्ड चैम्पियन को हराकर इतिहास रच दिया.
यह पहली बार है जब आयरलैंड ने भारत को किसी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मात दी है. भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. आयरलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 182 रन बनाए.
जवाब में 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 18.5 ओवर में सिर्फ 148 रनों पर ही सिमट गई. श्रेयस अय्यर की कप्तानी और मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में उतरी भारतीय टीम मैच के किसी भी विभाग में अपना दबदबा नहीं बना सकी. गंभीर-श्रेयस ने ये सोचा भी नहीं होग कि आयरलैंड की टीम भारत के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन करेगी.
बल्लेबाजी में खराब शुरुआत, बीच के ओवरों में लगातार विकेट और गेंदबाजी में साधारण प्रदर्शन का फायदा आयरलैंड ने पूरी तरह उठाया. आयरलैंड की युवा टीम ने बिना किसी दबाव के आक्रामक क्रिकेट खेला.
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बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर खुलकर रन बनाए, जबकि गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को लगातार झटके देकर मैच पर पकड़ बनाए रखी और भारतीय टीम को वापसी का मौका नहीं दिया.
शानदार फील्डिंग ने भी मेजबान टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. भारत का आयरलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड अब तक एकतरफा रहा था, लेकिन बेलफास्ट में यह सिलसिला टूट गया.
इस जीत के साथ आयरलैंड ने न केवल सीरीज में बढ़त बनाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अब वह बड़ी टीमों को चुनौती देने ही नहीं, उन्हें हराने का भी दम रखता है.
अब भारतीय टीम पर अगले मुकाबले में वापसी का दबाव होगा. यदि भारत अगला मैच जीतने में नाकाम रहता है तो आयरलैंड के पास पहली बार ऐतिहासिक टी20 सीरीज जीतने का मौका होगा.
इस मुकाबले में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला था, अब देखना होगा कि अगले मुकाबले में वैभव को प्लेइंग-11में मौका दिया जाएगा कि नहीं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क