भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत मंगलवार यानी 6 अक्टूबर से होना है. लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारत-वेस्टइंडीज के खिलाड़ी पहले टी20 मुकाबले में एक-दूसरे टक्कर देते नजर आएंगे.
इस मुकाबले से ठीक पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने कप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफों के पुल बांधे हैं. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था.
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर के बीच खटपट या तनाव की खबरें लगातार चलती रही है. लेकिन कोच गंभीर के इस बयान ने सभी अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है.
जियोस्टार से बात करते हुए गंभीर ने साल 2024 में केकेआर के साथ बिताए दिनों को याद किया और बताया कि श्रेयस के साथ उनका अनुभव कितना शानदार रहा है. अय्यर की कप्तानी में साल 2024 में केकेआर की टीम ने ट्रॉफी जीतने में सफलता हासिल की थी.
गौतम गंभीर ने दिल खोलकर की अय्यर की तारीफ
गंभीर ने अय्यर की तारीफ करते हुए कहा कि श्रेयस के साथ मेरा पहला अनुभव तब हुआ जब मैं 2024 में केकेआर से जुड़ा, जहां वह टीम की कप्तानी कर रहे थे. सबसे अच्छी बात जो मुझे उनमें लगी, वह यह थी कि वह टीम के लिए अपनी बैटिंग पोजीशन छोड़ने को भी तैयार रहते थे. वह पूरी तरह से फ्लेक्सिबल हैं और उन्हें इस बात से कोई गुरेज नहीं था कि जरूरत पड़ने पर कोई दूसरा बल्लेबाज उनसे पहले क्रीज पर उतरे.
गौतम गंभीर ने श्रेयस अय्यर की सबसे बड़ी खूबी उनकी निस्वार्थ भावना को बताया. उन्होंने कहा कि एक कप्तान या अच्छे लीडर में यह गुण सबसे पहले होना चाहिए. गंभीर ने आगे कहा कि तभी मुझे एहसास हुआ कि एक अच्छे लीडर की सबसे पहली और अहम खूबी यह होती है कि वह कितना निस्वार्थ है.
श्रेयस के अंदर यह खूबी कूट-कूट कर भरी हुई है, और यह उनकी कप्तानी के सफर के लिए एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है. आप चाहे जितने मेहनती, अनुशासित, फिट या दुनिया के नंबर-वन बल्लेबाज क्यों न हों, लेकिन अगर आप निस्वार्थ नहीं हैं, तो बाकी सारी चीजें बेमानी हो जाती हैं. श्रेयस के पास यह सारी खूबियां हैं और सबसे ऊपर उनमें वो निस्वार्थ भाव भी है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क