16 सितंबर का दिन क्रिकेट से जुड़े एक खास नाम की याद दिलाता है.इसी दिन 1959 में साउथ अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर डेव रिचर्डसन का जन्म हुआ था. उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए 42 टेस्ट खेले और विकेट के पीछे 152 खिलाड़ियों को आउट करने में भूमिका निभाई.
हालांकि, क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनका सफर यहीं नहीं रुका. उन्होंने क्रिकेट प्रशासन में कदम रखा और आगे चलकर ICC के CEO की जिम्मेदारी भी संभाली.
साउथ अफ्रीका के सबसे सफल टेस्ट विकेटकीपरों में शामिल डेव रिचर्डसन की पहचान एक भरोसेमंद विकेटकीपर के साथ-साथ उपयोगी बल्लेबाज के तौर पर भी थी. उन्होंने 42 टेस्ट में कुल 152 डिसमिसल किए. इनमें 150 कैच और 2 स्टंपिंग शामिल थे.
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रिचर्डसन के विकेटकीपिंग करियर की एक दिलचस्प बात यह थी कि उन्होंने अपना पहला टेस्ट स्टंपिंग करने से पहले ही 120 कैच पकड़ लिए थे. उनका पहला टेस्ट स्टंपिंग 1996-97 में भारत के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में वेंकटेश प्रसाद का था. उन्होंने पॉल एडम्स की गेंद पर प्रसाद को स्टंप किया था.
विकेट के पीछे शानदार प्रदर्शन करने वाले रिचर्डसन बल्लेबाजी भी अच्छी करते थे. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 8 अर्धशतक और एक शतक लगाया है. उनका इकलौता टेस्ट शतक न्यूजीलैंड के खिलाफ केपटाउन में 1994-95 में आया था.
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हालांकि, इसके अगले ही टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ जोहान्सबर्ग में उनके नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी जुड़ गया. वह दोनों पारियों में पहली गेंद पर बिना खाता खोले आउट हुए, जिसे क्रिकेट की भाषा में ‘किंग पेयर’ कहा जाता है.
रिचर्डसन का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर सफल रहा, लेकिन उनकी दूसरी पारी इससे भी ज्यादा खास रही. क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद वह जनवरी 2002 में ICC के पहले जनरल मैनेजर बने.
इसके करीब एक दशक बाद रिचर्डसन को ICC की सबसे अहम जिम्मेदारियों में से एक मिली. 2012 में वह ICC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बने.
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कैसा रहा रिचर्डसन का इंटरनेशनल करियर?
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क