इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने इंग्लैंड लॉयन्स के हेड कोच पद से हटने का फैसला किया है. फ्लिंटॉफ ने सितंबर 2024 में इस जिम्मेदारी को संभाला था और करीब दो साल तक इंग्लैंड के उभरते हुए क्रिकेटरों के साथ काम किया.
48 साल के फ्लिंटॉफ ने अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें लॉयन्स के साथ काम करने और देश के बेहतरीन युवा क्रिकेटरों को विकसित होते देखने पर काफी गर्व है.
फ्लिंटॉफ ने बयान में कहा- दुर्भाग्य से मैंने लॉयन्स के साथ अपनी भूमिका से हटने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि देश के सर्वश्रेष्ठ युवा क्रिकेटरों के साथ काम करने का मौका मिलने से उन्होंने काफी आनंद लिया और उन्हें इन खिलाड़ियों के डेवलपमेंट का हिस्सा बनने पर गर्व है.
फ्लिंटॉफ अब अपने कोचिंग करियर में नई चुनौती के लिए तैयार हैं. वह बिग बैश लीग की टीम सिडनी थंडर के हेड कोच का पद संभालेंगे. उन्होंने कहा कि वह साल के अंत में सिडनी थंडर के साथ काम शुरू करने को लेकर उत्साहित हैं और देखना चाहते हैं कि कोचिंग उन्हें आगे कहां ले जाती है.
हादसे के बाद क्रिकेट में की थी वापसी
फ्लिंटॉफ का क्रिकेट करियर खत्म होने के बाद क्रिकेट में लौटना भी काफी खास रहा है. टीवी कार्यक्रम 'Top Gear' की शूटिंग के दौरान एक गंभीर हादसे का शिकार होने के बाद उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनाई थी. इसके बाद उन्होंने क्रिकेट में वापसी की और धीरे-धीरे कोचिंग की दिशा में कदम बढ़ाया.
इंग्लैंड लॉयन्स के साथ उनका कार्यकाल युवा खिलाड़ियों के विकास पर केंद्रित रहा. इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के मेंस परफॉर्मेंस डायरेक्टर एड बार्नी ने फ्लिंटॉफ के योगदान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने लॉयन्स के माहौल को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई.
बार्नी ने कहा कि फ्लिंटॉफ ने ऐसा माहौल तैयार किया, जो खिलाड़ियों को लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए सपोर्ट भी करता था और उन्हें चुनौती भी देता था. उनके मुताबिक फ्लिंटॉफ ने नई पीढ़ी के कई खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में मदद की.
ECB अधिकारी ने यह भी कहा कि फ्लिंटॉफ के साथ काम करने वाले कोचों को भी काफी फायदा हुआ. चाहे वे अपने कोचिंग करियर की शुरुआत कर रहे हों या फिर कई वर्षों का अनुभव रखते हों, फ्लिंटॉफ ने हमेशा उनके अनुभव और विशेषज्ञता का अधिकतम इस्तेमाल किया.
पाकिस्तान के खिलाफ मैच से होगी नई व्यवस्था की शुरुआत
फ्लिंटॉफ के हटने के बाद माइक यार्डी को इंग्लैंड लॉयन्स की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वह 12 अगस्त से बेकेनहम में शुरू होने वाले चार दिवसीय मुकाबले में टीम की कमान संभालेंगे.
इस मुकाबले में इंग्लैंड लॉयन्स की टीम प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI के तौर पर पाकिस्तान पुरुष टीम के खिलाफ मैदान पर उतरेगी. ऐसे में यार्डी के लिए यह जिम्मेदारी संभालने का पहला बड़ा मौका होगा.
युवराज सिंह से विवाद आज भी है यादगार
फ्लिंटॉफ का नाम भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच एक और वजह से खास तौर पर याद किया जाता है. 2007 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान उनकी भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह के साथ तीखी बहस हो गई थी.
इस विवाद के बाद युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में लगातार छह छक्के जड़कर इतिहास रच दिया था. युवराज के इस कारनामे ने उस मुकाबले को क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल कर दिया. फ्लिंटॉफ और युवराज के बीच मैदान पर हुई वह बहस आज भी दोनों खिलाड़ियों से जुड़ी चर्चित घटनाओं में गिनी जाती है.
अब इंग्लैंड लॉयन्स की कोचिंग छोड़ने के बाद फ्लिंटॉफ की नजर बिग बैश लीग में अपनी नई भूमिका पर है. सिडनी थंडर के साथ वह कोच के तौर पर अपनी अगली पारी शुरू करेंगे.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क