लंबे समय तक सुस्त रहे मॉनसून इस बार एक पॉजिटिव बदलाव दिख रहा है. अगले वीकेंड 19-20 जुलाई से शुरू होकर देश के कई हिस्सों, खासकर उत्तर और पूर्वी भारत में अच्छी बारिश की संभावना बन रही है. Photo: PTI
पूर्वी भारत में बने निम्न दबाव क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी से नम पूर्वी हवाओं का जोर, उत्तरी मैदानों में मॉनसून एक्सिस का उत्तर की ओर शिफ्ट होना और अरब सागर से नम दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का समर्थन - ये सभी मिलकर एक मजबूत सिंऑप्टिक सेटअप तैयार कर रहे हैं. Photo: PTI
यह स्थिति कृषि, जलाशयों और आम जनजीवन के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि पिछले दिनों कई राज्यों में सूखे जैसे हालात बन गए थे. Photo: PTI
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी भारत में बने लो प्रेशर एरिया और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का मिलना बहुत अनुकूल है. साथ ही अरब सागर से नमी भरी दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी सपोर्ट कर रही हैं. मॉनसून एक्सिस अब फुटहिल्स से उत्तर भारतीय मैदानों की ओर खिसक रही है. Photo: PTI
यह सेटअप पूर्वी और उत्तरी भारत में व्यापक वर्षा के लिए बेहद उपयुक्त माना जा रहा है. 20 जुलाई के बाद देशभर में दैनिक वर्षा सामान्य स्तर को छूने लगेगी, हालांकि बहुत तेज या बेहद एक्टिव अभी नहीं दिख रही है. Photo: PTI
रविवार से शुरू होकर अगले सप्ताह तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में व्यापक स्तर पर भारी बारिश होने की संभावना है. इन राज्यों में कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है. Photo: PTI
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और जम्मू क्षेत्र को बहुत भारी बारिश के लिए खास निगरानी में रखा गया है. इन पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदियों में उफान का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. Photo: PTI
राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना में बारिश की गतिविधियां शुरू तो होंगी, लेकिन ये पूर्वी-उत्तरी राज्यों जितनी व्यापक नहीं होंगी. यहां बिखरी हुई बारिश देखने को मिल सकती है. Photo: PTI
पश्चिमी तट और घाट क्षेत्रों में आज से ही हल्की-फुल्की बारिश शुरू हो गई है, जिसकी तीव्रता और विस्तार वीकेंड के दौरान बढ़ने की उम्मीद है. कोंकण, गोवा, केरल और कर्नाटक के घाटी इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मजबूत होंगी. Photo: PTI
20 जुलाई के बाद मॉनसून की गतिविधियां सामान्य स्तर पर पहुंचने की संभावना है. हालांकि अभी कोई बहुत बड़े मॉनसून सर्ज की उम्मीद नहीं है, फिर भी लगातार होने वाली बारिश कृषि कार्यों और जल संग्रहण के लिए फायदेमंद साबित होगी. Photo: PTI
किसानों को सलाह है कि वे खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करें, जबकि आम लोगों को भारी बारिश वाले दिनों में यात्रा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. Photo: PTI