इटली के सिसिली द्वीप पर मौजूद माउंट एटना ज्वालामुखी एक बार फिर एक्टिव हो गया है. मंगलवार को यहां से लावा निकलना शुरू हुआ जो करीब 9,800 फीट दूर तक पहुंच गया. इस वजह से रात के समय आसमान में लाल चमक दिखाई दी. इटली की वैज्ञानिक एजेंसी INGV इस ज्वालामुखी की लगातार निगरानी कर रही है. Photo: Reuters
माउंट एटना से निकल रहा लावा लगातार ढलान की ओर बह रहा है. इसके साथ गर्म गैसें और धुआं भी बाहर आ रहा है. यह ज्वालामुखी के एक्टिव होने की सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है. अभी तक किसी बड़े नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर सामने नहीं आई है. Photo: Reuters
ज्वालामुखी से निकलने वाली गैसें और राख आसपास के वातावरण को प्रभावित कर सकती हैं. इसी कारण स्थानीय प्रशासन और वैज्ञानिक स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. जरूरत पड़ने पर आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट भी जारी किया जा सकता है. Photo: Reuters
माउंट एटना यूरोप का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है. इसकी ऊंचाई करीब लगभग 10,900 फीट है. यह इटली के सिसिली द्वीप के पूर्वी हिस्से में है. यहां पिछले कई सालों से समय-समय पर लावा और गैस निकलने की घटनाएं होती रहती हैं. इसी वजह से इसे दुनिया के सबसे ज्यादा निगरानी वाले ज्वालामुखियों में शामिल किया जाता है. Photo: Reuters
वैज्ञानिकों के अनुसार, ज्वालामुखी के अंदर पिघली हुई चट्टानें यानी मैग्मा गहराई में दबाव में रहती हैं. जब यह दबाव ज्यादा बढ़ जाता है तो मैग्मा ऊपर की तरफ बढ़ता है और सतह पर पहुंचकर लावा बन जाता है. यही प्रक्रिया ज्वालामुखी के एक्टिव होने का कारण बनती है. Photo: Reuters
माउंट एटना में पहले भी कई बार बड़े और छोटे विस्फोट दर्ज किए जा चुके हैं. यह ज्वालामुखी लंबे समय से लगातार एक्टिव बना हुआ है, इसलिए इसमें अचानक बदलाव देखने को मिलते रहते हैं. Photo: Reuters
इटली की वैज्ञानिक एजेंसी INGV इस पूरी गतिविधि पर लगातार नजर रख रही है. सैटेलाइट सिस्टम, ग्राउंड सेंसर और अन्य उपकरणों की मदद से हर हलचल को रिकॉर्ड किया जा रहा है. अगर ज्वालामुखी की गतिविधि बढ़ती है तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को अलर्ट भेजा जाता है ताकि समय पर सुरक्षा कदम उठाए जा सकें. Photo: Reuters
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि माउंट एटना जैसे एक्टिव ज्वालामुखी में बदलाव तेजी से हो सकते हैं, इसलिए निगरानी लगातार जारी है. Photo: Reuters