Hanuman Ji and Vastu: घर में हनुमान जी की कौन सी तस्वीर लगाना है शुभ? जानें सही दिशा

Hanuman Ji and Vastu: घर में हनुमान जी की कौन सी तस्वीर और मूर्ति रखना होता है शुभ? जानिए सही दिशा, पंचमुखी हनुमान का महत्व और वास्तु के जरूरी नियम.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

Best Direction For Hanuman Ji Photo: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में भगवान हनुमान की तस्वीर या मूर्ति रखना बहुत शुभ माना जाता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और बुरी शक्तियां दूर रहती हैं. आइए जानते हैं कि घर में हनुमान जी की कौन सी तस्वीर लगाना सबसे अच्छा होता है और इसे किस दिशा में रखना चाहिए. 

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हनुमान जी की तस्वीर के लिए सही दिशा और रूप
दक्षिण दिशा: वास्तु के नियमों के मुताबिक हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति हमेशा दक्षिण दिशा में लगानी चाहिए. इस दिशा में लाल रंग में बैठी हुई मुद्रा वाले हनुमान जी की तस्वीर लगाने से दक्षिण दिशा से आने वाली सभी बुरी ताकतें और नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह खत्म हो जाती हैं.

वास्तु के अनुसार हनुमान जी की 5 खास तस्वीरें और उनके फायदे
श्री राम का कीर्तन करते हुए हनुमान जी:
भगवान श्री राम की आराधना या कीर्तन करते हुए हनुमान जी की तस्वीर घर में लगाने से परिवार के लोगों के बीच आपसी प्यार, मेल-जोल और अपनापन हमेशा बना रहता है. इससे घर में सुख-शांति कायम रहती है.

पर्वत उठाए हुए हनुमान जी:
हाथ में पर्वत उठाए हुए हनुमान जी की तस्वीर घर में लगाने से नया उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास हमेशा बना रहता है.

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आकाश में उड़ते हुए हनुमान जी:
आकाश में उड़ते हुए हनुमान जी का चित्र लगाने से जीवन में सफलता के नए रास्ते खुलते हैं . कठिन से कठिन काम भी बहुत आसानी से हो जाते हैं.

लाल रंग की बैठी हुई मुद्रा:
दक्षिण दिशा में लाल रंग के वस्त्र या रूप में हनुमान जी की बैठी हुई मुद्रा वाली तस्वीर घर की हर तरह की उलझनों और परेशानियों को दूर करती है.

पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर:
घर के मुख्य दरवाजे पर पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति लगाना बहुत अच्छा माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा और बुरी ताकतें घर के अंदर नहीं आ पाती हैं.

श्री पंचमुखी हनुमान और उनके पांच मुखों का महत्व
श्री पंचमुखी हनुमान, भगवान हनुमान का विराट रूप माना जाता है. इसके दो मुख्य रूप देखने को मिलते हैं, एक रूप में हनुमान जी के पांचों मुख हनुमान जी के ही होते हैं, और दूसरे रूप में हयग्रीव, नरसिंह, हनुमान, वराह और गरुड़ के मुख होते हैं (इनमें से हयग्रीव, नरसिंह और वराह भगवान विष्णु के अवतार हैं)

पंचमुखी हनुमान के पांच मुखों का अर्थ और फल:

पूर्व दिशा की ओर मुख (आंजनेय): मानवता के लिए इष्ट सिद्धि देता है.

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दक्षिण दिशा की ओर मुख (कराल उग्रवीर नरसिंह): अभिष्ट सिद्धि देता है.

पश्चिम दिशा की ओर मुख (महावीर गरुड़): सभी प्रकार का सौभाग्य देता है.

उत्तर दिशा की ओर मुख (लक्ष्मी वराह): धन की प्राप्ति कराता है.

ऊपर की ओर मुख (हयग्रीव): हर विद्या और पढ़ाई में विजय दिलाता है.

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