घर की सजावट में कांच का इस्तेमाल आजकल काफी बढ़ गया है. कांच की डाइनिंग टेबल, बर्तन, शोपीस और अन्य सजावटी सामान आधुनिक घरों का हिस्सा बन चुके हैं. हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कांच की वस्तुओं का जरूरत से ज्यादा उपयोग करना उचित नहीं माना जाता है. मान्यता है कि इसका असर व्यक्ति के रिश्तों और मानसिक संतुलन पर पड़ सकता है.
मान्यताओं के अनुसार, घर में कांच की चीजों का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करना चाहिए. ऐसा भी कहते हैं कि जिस घर में कांच का अत्यधिक इस्तेमाल होता है, वहां रहने वाले लोग भावनात्मक रूप से अधिक संवेदनशील हो सकते हैं. इसके कारण आपसी रिश्तों में गलतफहमियां और तनाव बढ़ने की संभावना भी बताई जाती है.
कांच के बर्तन
कांच के बर्तनों को लेकर कहा जाता है कि उनका उपयोग सीमित मात्रा में करें. यदि हर भोजन कांच की प्लेट, कटोरी और गिलास में किया जाए, तो जीवन का आनंद और संतुष्टि धीरे-धीरे कम हो सकती है. इसका अर्थ यह नहीं है कि कांच के बर्तनों का इस्तेमाल पूरी तरह छोड़ देना चाहिए. बल्कि केवल जरूरत के अनुसार उनका उपयोग करना बेहतर माना गया है.
आईना
दर्पण यानी आईना भी कांच से बनी सबसे महत्वपूर्ण वस्तुओं में से एक है. धार्मिक मान्यताओं में दर्पण को विशेष महत्व दिया गया है. कहा जाता है कि आईना केवल चेहरा ही नहीं दिखाता, बल्कि व्यक्ति की भावनाओं को भी प्रतिबिंबित करता है. ऐसी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति उदास मन से बार-बार आईना देखता है तो उसकी नकारात्मक भावना और बढ़ सकती है. जबकि प्रसन्न मन से दर्पण देखने पर सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है.
इसलिए घर के हर हिस्से में आईना रखने से बचना चाहिए. खासतौर से बेडरूम या आप जहां सोते हैं या वहां इसे लगाने से बचना चाहिए. सुबह उठते ही आपकी नजर सबसे पहले आइने पर नहीं पड़नी चाहिए.
कांच की मेज
इसी तरह कांच की मेज पर लगातार काम करने को लेकर भी कुछ मान्यताएं प्रचलित हैं. माना जाता है कि लंबे समय तक कांच की टेबल पर काम करने से करियर पर बुरा असर पड़ सकता है. या यूं कहें कि इंसान की एकाग्रता पर भी बुरा प्रभाव पड़ने लगता है. ऐसा भी माना जाता है कि इसके निरंतर प्रयोग से रिश्तों में दूरी या मतभेद बढ़ सकते हैं.
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