Surya Guru Yuti 2026: वैदिक ज्योतिष में बेहद दुर्लभ और अत्यंत शुभ माने जाने वाले पुष्य नक्षत्र में दो सबसे शक्तिशाली ग्रहों का महामिलन होने जा रहा है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को रात लगभग 9 बजकर 43 मिनट पर ज्ञान, धर्म और वृद्धि के कारक देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं. इसके ठीक अगले दिन यानी 20 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर आत्मा व सम्मान के कारक सूर्य देव ने भी पुष्य नक्षत्र में गोचर कर लिया है.
पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना जाता है. ऐसे में नक्षत्रराज में सूर्य और गुरु की यह युति सभी राशियों के जीवन में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव लाने जा रही है. आइए जानते हैं इस महायुति का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
ज्योतिष में गुरु-सूर्य और पुष्य नक्षत्र का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को पोषण, समृद्धि, सफलता और स्थिरता देने वाला माना गया है. देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं, इसलिए जब भी गुरु अपने ही नक्षत्र में आते हैं, तो उनका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. वहीं, जब ग्रहों के राजा सूर्य देव भी इसी नक्षत्र में आकर गुरु से मिलते हैं, तो गुरु-आदित्य जैसा शक्तिशाली संयोग बनता है. यह युति विशेष रूप से ज्ञान, करियर, आर्थिक तरक्की, निर्णय क्षमता और धार्मिक कार्यों के लिए बेहद शुभ मानी जाती है.
ये हैं गुरु-सूर्य युति की 5 सबसे लकी राशियां
कर्क राशि (Cancer)
आपके आत्मविश्वास और पर्सनैलिटी में निखार आएगा. कार्यक्षेत्र में बड़ी पहचान, पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान मिलने के प्रबल योग हैं.
सिंह राशि (Leo)
भाग्य का साथ मिलेगा. धार्मिक कार्यों में मन लगेगा. विदेश से जुड़े कारोबार या ऑनलाइन बिजनेस करने वालों को अचानक बड़ा धन लाभ हो सकता है.
तुला राशि (Libra)
करियर और बिजनेस के लिए यह समय स्वर्णिम साबित होगा. नए बड़े प्रोजेक्ट्स मिलेंगे. आपकी मेहनत का पूरा फल मुनाफा बनकर सामने आएगा.
धनु राशि (Sagittarius)
भाग्योदय के नए मार्ग खुलेंगे. पैतृक संपत्ति से लाभ होगा और प्रतियोगी परीक्षा व उच्च शिक्षा से जुड़े जातकों को बड़ी सफलता मिल सकती है.
मीन राशि (Pisces)
छात्रों और युवाओं के लिए समय बेहद शुभ है. संतान पक्ष से खुशखबरी मिल सकती है और अचानक धन आगमन के योग बन रहे हैं.
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