वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज के शिष्य रिंकू सिंह इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं. मोबाइल पर स्क्रॉल करते हुए सोशल मीडिया पर उनका कोई न कोई वीडियो सामने आ ही जाता है. हाल ही में रिंकू सिंह का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वो गली-गली घूमकर मधुकरी मांग रहे हैं. मधुकरी का मतलब ऐसा पका हुआ भोजन जो दूसरों से मांगकर खाया जाता है. सामान्य भाषा में इसे भिक्षा भी कहा जा सकता है. वृंदावन में मधुकरी मांगते हुए रिंकू सिंह के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी कल्पना खुद उन्होंने भी नहीं की होगी.
दरअसल, वृंदावन की गलियों में मधुकरी मांगते हुए रिंकू सिंह अचानक एक मुस्लिम घर के सामने जा पहुंचे. जब रिंकू सिंह ने दरवाजे पर खड़े होकर मधुकरी के लिए आवाज लगाई तो अंदर से किसी महिला ने कहा-, 'यह मुसलमान का घर है भइया.'
हालांकि यह सुनकर रिंकू सिंह आगे नहीं बढ़े. वो वहीं खड़े रहे और फिर बोले- 'कोई बात नहीं! हमारे गुरुदेव भगवान सबको एक समान मानते हैं. यह पवित्र भारत भूमि है.' इसके बाद घर से एक छोटा बच्चा हाथ में कुछ रोटियां लेते हुए निकला और रिंकू सिंह के साथ खड़े संन्यासी के पात्र में डाल दी. रिंकू सिंह ने अपना मस्तक हल्का सा झुकाकर उन्हें प्रणाम कहा और आगे बढ़ गए.
बता दें कि यह कोई पहला वीडियो नहीं है, जब रिंकू वृंदावन की गलियों में मधुकरी मांगते दिखे हैं. इससे पहले भी उनके कई ऐसे वीडियो सामने आ चुके हैं. प्रेमानंद महाराज के साथ भी वो कई बार दिखाई देते हैं. कुछ समय पहले भी एक वीडियो सामने आया था जिसमें रिंकू प्रेमानंद महाराज को अपनी बुलेट पर बिठाकर ले जा रहे थे.
कौन हैं रिंकू सिंह?
6 फुट 4 इंच के कद वाले रिंकू सिंह WWE रेसलर रह चुके हैं. उनका वजन करीब 125 किलोग्राम है. रिंकू सिंह साल 2018 में WWE पहुंचे थे. रिंग में वो कई बड़े रेसलरों को धूल चटा चुके हैं. फिलहाल वो प्रेमानंद महाराज के आश्रम में सेवा कर रहे हैं. रिंकू को लेकर एक बार खुद प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि नींद और भोजन इंसान के वश में ही है. आप इसे जितना चाहो बढ़ा सकते हो और जितना चाहो घटा सकते हो.
प्रेमानंद महाराज ने रिंकू सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि जो आदमी दिन में 35-35 रोटी खा सकता था. वो आज डेढ़ रोटी में भी संतुष्ट है और स्वस्थ्य जीवन जी रहा है. जो दिन में सात-आठ घंटे सोता था. वो आज दिन में सिर्फ 3 घंटे सोकर भी अपना काम चला रहा है. उन्होंने कहा था कि कम बोलो, कम नींद लो और कम खाओ. भजन करने से आलस्य दूर होगा और जब भजन में रुचि बढ़ जाएगी तो फिर ईश्वर के अलावा कुछ नहीं दिखाई देगा.
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