देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर को अपनी उच्च राशि कर्क को छोड़कर सिंह राशि में गोचर करेंगे. करीब 86 दिनों तक चलने वाला यह गोचर ज्ञान, शिक्षा, धर्म, संतान, पद और प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों को प्रभावित करेगा. सिंह राशि को आत्मसम्मान, नेतृत्व, पिता और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में गुरु का सिंह राशि में प्रवेश कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आएगा. हालांकि, गुरु जिस सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं, उसके स्वामी सूर्य फिलहाल नीच राशि तुला में हैं. सूर्य के 16 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के बाद गुरु के शुभ प्रभावों में मजबूती मिलेगी.
गुरु का सिंह राशि में मघा नक्षत्र से संबंध इस गोचर को विशेष बनाता है. मघा को पितरों से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है. इसलिए इस अवधि में पिता, पैतृक संपत्ति, पारिवारिक विरासत, सामाजिक पहचान और अधिकार से जुड़े विषय महत्वपूर्ण हो सकते हैं. शुरुआती समय में कुछ कार्यों में अपेक्षित परिणाम मिलने में देरी हो सकती है, जबकि 16 नवंबर के बाद परिस्थितियां बेहतर होने की उम्मीद रहेगी.
इन राशियों के लिए अनुकूल रहेगा गोचर
1. मेष राशि वालों को शिक्षा, संतान और रचनात्मक कार्यों में लाभ मिल सकता है.
2. कर्क राशि के जातकों के लिए धन, पारिवारिक सहयोग और वाणी से जुड़े मामलों में सुधार के अवसर बनेंगे.
3. सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा. आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि की संभावनाएं रहेंगी.
4. तुला राशि वालों को धन लाभ, संपर्क और इच्छापूर्ति के अवसर मिल सकते हैं.
5. धनु राशि के जातकों के लिए शिक्षा, भाग्य, धर्म और लंबी दूरी की यात्रा से जुड़े मामलों में सकारात्मक स्थितियां बन सकती हैं.
6. कुंभ राशि वालों को साझेदारी, वैवाहिक जीवन और व्यावसायिक संबंधों में लाभ मिलने की संभावना है.
इन राशियों को रहना होगा सतर्क
1. मकर और मीन राशि के जातकों को खर्च, कार्यक्षेत्र और निर्णयों में सावधानी बरतनी होगी.
2. वृषभ, मिथुन और वृश्चिक राशि वालों के लिए परिणाम मिले-जुले रह सकते हैं.
3. कन्या राशि के जातकों को आर्थिक निर्णयों, स्वास्थ्य और अनावश्यक खर्चों के मामले में सतर्क रहना चाहिए.
अंशु पारीक