Bhadrapada Purnima 2026: आज भाद्रपद पूर्णिमा है. भाद्रपद पूर्णिमा पर पितरों के विधिवत पूजा का विधान बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान करने से पितृदोष दूर होता है. इसके अलावा ज्योतिषविदों का यह भी कहना है कि भादो पूर्णिमा की रात बेहद दिव्य होती है और इस दिव्य क्षण में कुछ खास उपाय करने से बड़ा लाभ मिलता है. आइए आपको भादो पूर्णिमा की रात किए जाने वाले कुछ अचूक उपाय बताते हैं.
1. विष्णु-माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा
भाद्रपद पूर्णिमा पर शाम के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें. भगवान को मखाने की खीर का भोग लगायाएं. इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार कनकधारा स्तोत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. मान्यता है कि इस तरह पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कामना पूरी होती है.
2. मां लक्ष्मी को चढ़ाएं पीली कौड़ियां
भाद्रपद पूर्णिमा पर पूजा के दौरान मां लक्ष्मी के चरणों में 5 साबुत पीली कौड़ियां और अक्षत रखें. पूजा पूरी होने के बाद इन्हें लाल रेशमी कपड़े में बांधकर धन रखने वाली जगह या तिजोरी में रखा जा सकता है. इसे आर्थिक समृद्धि से जुड़ा पारंपरिक उपाय माना जाता है.
3. चंद्रमा को अर्घ्य दें
पूर्णिमा की रात चंद्रमा की पूजा करने की भी परंपरा है. एक पात्र में साफ जल, थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल लेकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. इस दौरान 'ॐ चंद्राय नमः' मंत्र का तीन बार जाप किया जा सकता है.
4. सफेद चीजों का दान
भाद्रपद पूर्णिमा पर दान का भी विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन संध्याकाल में पूजा के बाद गरीबों को सफेद तिल, चावल, दूध, दही, घी या चांदी से निर्मित चीजों का दान करें. आप चाहें तो खाद्य सामग्री या सामर्थ्य के अनुसार धन का दान भी कर सकते हैं.
5. पीपल के पेड़ पर चढ़ाएं जल
भाद्रपद के अंतिम दिन पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाने और दीपक जलाने की भी धार्मिक परंपरा है. दिए गए उपाय के अनुसार, पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाया जा सकता है. इसे श्रद्धा और धार्मिक आस्था से जुड़ा उपाय माना जाता है.
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