आशुतोष रांका से धक्का-मुक्की, CJP कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों ने पटककर पीटा... जयपुर में स्कूल के बाहर जमकर बवाल

जयपुर में CJP के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत पहुंचे कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों ने खदेड़ा और मारपीट भी की. CJP नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि भाजपा के गुंडों ने उनकी टीम पर हमला किया और गाड़ियां तोड़ीं.

Advertisement
जयपुर के स्कूल में CJP कार्यकर्ताओं का विरोध (Photo: ITG) जयपुर के स्कूल में CJP कार्यकर्ताओं का विरोध (Photo: ITG)

विशाल शर्मा

  • जयपुर, राजस्थान,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST

राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल को लेकर जबरदस्त हंगामा हो गया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने अभियान 'स्कूल ठीक करो' के तहत पार्टी के कार्यकर्ता गांव के सरकारी स्कूल की हालत देखने भेजे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया. वहीं CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथियों के साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए.

Advertisement

सुबह-सुबह रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में उस समय हंगामा हुआ जब CJP के कार्यकर्ता स्कूल की हालत देखने वहां पहुंचे. गांव वालों ने इसका विरोध किया और उन्हें भगा दिया. इसके थोड़ी देर बाद आशुतोष रांका खुद स्कूल पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.

माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हुई. ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी और उन्हें गांव से दौड़ाया, साथ ही गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए गए.

माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई. आरोप है कि इसके बाद ग्रामीणों ने आशुतोष समेत CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और उन्हें गांव से खदेड़ दिया. 

इस दौरान कार्यकर्ताओं की गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई और शीशे तोड़ दिए गए. ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं पर रेत भी उछाला और पत्थरबाजी भी की.

उन्होंने आरोप लगाया कि गांव पहुंचे लोग असल में ग्रामीण नहीं बल्कि भाजपा के बुलाए हुए लोग थे, जिनका सरगना कमल प्रधान गरीबों की जमीन पर कब्जा करने का काम करता है. रांका ने यह भी कहा कि उनकी टीम के जो साथी पहले से मौजूद थे, उनके साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट की.

Advertisement

यह भी पढ़ें: जब विपक्ष की रसोई में पहुंचा ‘कॉकरोच’ - डर सबको लगता है, गला सबका सूखता है

रांका ने पोस्ट में यह भी कहा कि उनकी टीम के जो साथी पहले से वहां मौजूद थे, उनके साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की. उन्होंने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को यह मंजूर है कि बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहें, लेकिन अगर इन स्कूलों को ठीक कराने की कोशिश की जाए तो यह उन्हें मंजूर नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि इससे ज्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है.

गांव में स्कूल की हालत को लेकर पहले से ही नाराजगी थी. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की इमारत लंबे समय से जर्जर हालत में है और बच्चे भैंसों के तबेले जैसी जगह में पढ़ने को मजबूर हैं. इसी मुद्दे पर CJP कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उनका विरोध कर दिया.

फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण CJP के खिलाफ धरने पर डटे हुए हैं. मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सियासी हलचल तेज हो गई है.

ग्रामीणों ने क्या कहा?

रामीण विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि उनके गांव में पहले प्राथमिक विद्यालय 5वीं कक्षा तक संचालित होता था. स्कूल के लिए जमीन उनके दादाजी ने दी थी. उन्होंने बताया कि 1999 में स्कूल भवन का निर्माण हुआ था, लेकिन उसके बाद से भवन की मरम्मत नहीं हुई.

Advertisement

विष्णु कुमार शर्मा के मुताबिक, अब स्कूल भवन इतना जर्जर हो चुका है कि वहां बच्चों के बैठकर पढ़ने की स्थिति नहीं है. फिलहाल गांव के एक बड़े भवन में ग्रामीणों ने दो कमरे उपलब्ध कराए हैं, जहां दो शिक्षक करीब 20-30 बच्चों को पढ़ा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र बगरू विधानसभा में आता है. उनके अनुसार, विधायक डॉ. कैलाश वर्मा ने स्कूल के लिए 9 लाख रुपये का बजट पास होने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक यह काम जमीन पर शुरू नहीं हुआ है.

विष्णु कुमार शर्मा ने कहा कि स्कूल के लिए दी गई जमीन भी ग्रामीणों की ही है और ग्रामीणों ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए सरकार को जमीन दी थी. उन्होंने कहा कि स्कूल की स्थिति को लेकर सरकार से कार्रवाई की उम्मीद है.

ग्रामीण राजेश कुमार शर्मा ने CJP कार्यकर्ताओं के गांव में पहुंचने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण ऐसे कार्यकर्ताओं का विरोध करेंगे और आरोप लगाया कि वे स्कूल के मुद्दे को लेकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि भारत में विरोध करना जायज है, लेकिन प्रदर्शन का तरीका सही होना चाहिए. उन्होंने CJP पर राजनीतिक रोटियां सेंकने और फंड जुटाने का आरोप लगाया. हालांकि, उनके विदेशी फंड से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती.

Advertisement

स्कूल की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि बच्चे जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं. उनके मुताबिक, सरकार की ओर से 12 लाख रुपये का बजट पास किया गया है, लेकिन अभी तक स्कूल का निर्माण शुरू नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा कि अगर सरकार स्कूल का निर्माण नहीं कराती है तो ग्रामीण खुद मिलकर स्कूल बनाएंगे, क्योंकि जमीन उनके बुजुर्गों ने दी थी और स्कूल भी उनके प्रयासों से बना था.

राजेश कुमार शर्मा ने सरकार से जल्द से जल्द स्कूल का निर्माण कराने की अपील की. साथ ही उन्होंने बताया कि गांव में पहले पोलिंग बूथ था, लेकिन इस बार उसे दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया गया है. उन्होंने इस पर भी सरकार से ध्यान देने की मांग की.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »