राजस्थान के अलवर स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को रोमांचक नजारे देखने को मिल रहे हैं. यहां कोर एरिया के साथ बफर जोन भी बाघिनों और उनके शावकों की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है. बाला किला बफर जोन के बारा लिवारी और अंधेरी ट्रैक पर बाघिनों की लगातार साइटिंग हो रही है. खास बात यह है कि दो बाघिनें अपने कुल छह शावकों के साथ पर्यटकों को दिखाई दे रही हैं.
मां के साथ अठखेलियां करते दिखे शावक
सरिस्का के बफर जोन में बाघिन ST-23 अपने दो शावकों और ST-19 अपने चार शावकों के साथ नजर आ रही है. सोमवार को अंधेरी ट्रैक पर शाम की सफारी के दौरान ST-23 अपने दोनों शावकों के साथ अठखेलियां करती दिखाई दी. इस खूबसूरत नजारे को पर्यटकों ने अपने कैमरों में कैद किया. बाघिन और उसके शावकों की मौजूदगी ने सफारी पर निकले सैलानियों का उत्साह बढ़ा दिया.
शावक अपनी मां के साथ जंगल में घूमते हुए आसपास के माहौल को समझते और जंगल में रहने के तौर-तरीके सीखते नजर आते हैं. कभी बाघिन अपने बच्चों के साथ पानी में मस्ती करती दिखाई देती है, तो कभी उन्हें शिकार और जंगल में जीवित रहने के तौर-तरीकों से परिचित कराती है. वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए भी ऐसे पल खास आकर्षण बन रहे हैं.
बफर जोन में बढ़ रही बाघों की मौजूदगी
सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़ने के साथ बफर जोन का महत्व भी बढ़ रहा है. बाला किला बफर क्षेत्र में सफारी के तीन रूट हैं, जिनमें से एक रास्ता टूटने के कारण बंद है. फिलहाल दो रूट पर सफारी संचालित हो रही है. इन रास्तों पर बाघिनों और उनके शावकों की साइटिंग पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है.
ऑनलाइन बुकिंग से वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा
सरिस्का के बफर जोन में भारतीय पर्यटकों के साथ विदेशी सैलानियों की दिलचस्पी भी बढ़ रही है. यहां सफारी की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिलने से पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाने में आसानी हो रही है. बाघिनों और उनके शावकों को करीब से देखने का रोमांच सरिस्का के वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान दे रहा है.
बफर जोन में बाघिनों और उनके शावकों की लगातार मौजूदगी से पर्यटकों को जंगल के प्राकृतिक जीवन को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है. वहीं, इन नजारों ने सरिस्का की सफारी को वन्यजीव प्रेमियों के लिए और भी खास बना दिया है.
हिमांशु शर्मा