राजस्थान के सबसे बड़े जिला अस्पतालों में शामिल अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में मरीज को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है. हरियाणा निवासी मुबारिक स्क्रब टायफस से पीड़ित होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे. उन्हें मेडिकल वार्ड में बेड नंबर 33 पर भर्ती किया गया था.
इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मुबारिक को A नेगेटिव ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी. इसके बाद ब्लड का सैंपल लिया गया और परिजन खून लेने के लिए बाहर चले गए. इसी दौरान वार्ड में मौजूद नर्सिंग स्टाफ से बड़ी चूक हो गई.
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बताया जा रहा है कि नर्सिंग कर्मी ने बेड नंबर 32 पर भर्ती शान मोहम्मद के लिए रखे B पॉजिटिव ब्लड को मुबारिक को चढ़ा दिया. करीब आधा यूनिट रक्त चढ़ जाने के बाद परिजन वार्ड में पहुंचे. उन्होंने ब्लड बैग देखकर आपत्ति जताई और बताया कि यह मुबारिक के लिए नहीं है.
गलती सामने आते ही रोका गया ब्लड ट्रांसफ्यूजन
परिजनों के विरोध के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की प्रक्रिया रोक दी गई. हालांकि, तब तक करीब आधा यूनिट गलत ब्लड मरीज के शरीर में जा चुका था. इसके बाद मुबारिक की तबीयत बिगड़ने लगी.
स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए ICU में शिफ्ट किया. पिछले छह दिनों से मुबारिक का मेल सर्जिकल ICU में उपचार चल रहा है. बताया जा रहा है कि उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
गलत ब्लड चढ़ने के बाद मरीज को गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा रहता है. डॉक्टरों के मुताबिक ऐसी स्थिति में किडनी फेलियर और ब्लड प्रेशर गिरने जैसी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है. इसी वजह से मुबारिक को लगातार निगरानी में रखा गया है.
जांच के बाद नर्सिंग कर्मी ड्यूटी से हटाया गया
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा ने जांच के लिए एक समिति गठित की. समिति ने पूरे घटनाक्रम की जांच की. जांच में नर्सिंगकर्मी की लापरवाही सामने आने के बाद उसे तत्काल ड्यूटी से हटा दिया गया.
अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले में यह कार्रवाई की गई है. हालांकि, मरीज के परिजनों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है. मुबारिक पिछले छह दिनों से ICU में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
मामले ने अस्पताल में मरीजों की पहचान और ब्लड ट्रांसफ्यूजन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. एक मरीज के लिए निर्धारित रक्त दूसरे मरीज को चढ़ जाना गंभीर स्तर की चिकित्सकीय लापरवाही माना जा रहा है.
पहले भी सामने आया था गलत ब्लड चढ़ाने का मामला
अस्पताल में मौजूद एक डॉक्टर के मुताबिक, अगस्त महीने की शुरुआत में भी वार्ड में मरीज को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया था. उस समय भी मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को लिखित शिकायत देकर घटना की जानकारी दी थी.
आरोप है कि उस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. अब दोबारा इसी तरह की घटना सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. खासतौर पर मरीज की पहचान और रक्त समूह की जांच को लेकर गंभीर लापरवाही की बात सामने आ रही है.
फिलहाल, मुबारिक का ICU में इलाज जारी है. अस्पताल प्रशासन ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर नर्सिंग कर्मी को ड्यूटी से हटा दिया है. अब मरीज की हालत और मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.
हिमांशु शर्मा