राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने महज 18 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. वारदात के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पीड़िता अपनी मानसिक स्थिति के कारण आरोपियों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रही थी. इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच और अपने मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई.
डंपिंग यार्ड के पीछे जंगल में हुई वारदात
मामला किशनगढ़ के डंपिंग यार्ड के पीछे स्थित सुनसान जंगल का है. यहीं मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ कथित तौर पर गैंगरेप की घटना सामने आई. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगा दीं.
आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस ने किशनगढ़ और आसपास के इलाकों में लगे करीब 450 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. पुलिस टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस करने के साथ तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र से मिले इनपुट को भी जोड़ा. लगातार फुटेज और तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया.
पुलिस ने बदला हुलिया, संदिग्ध इलाकों में रखी नजर
पुलिस ने सिर्फ सीसीटीवी फुटेज पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर भी संदिग्धों की तलाश शुरू की. पुलिसकर्मियों ने अपना हुलिया बदलकर अलग-अलग संदिग्ध स्थानों पर निगरानी रखी. साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया. इन प्रयासों से पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले और जांच आगे बढ़ी.
लगातार की गई जांच और मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब दोनों आरोपियों से घटना को लेकर गहन पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात में दोनों की क्या भूमिका थी और घटना से जुड़े अन्य कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं.
अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से कार्रवाई की और 18 घंटे में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.
चंद्रशेखर शर्मा