मध्य प्रदेश में 31 जुलाई को मानसून का दिखेगा रौद्र रूप! इन जिलों में मंडराया खतरा, मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मध्य प्रदेश में मानसून का मिजाज एक बार फिर बेहद तल्ख हो गया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों और दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में अति भारी बारिश, वज्रपात और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है.

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निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा.(Photo:PTI) निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा.(Photo:PTI)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:47 AM IST

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है. मौसम विभाग (IMD) के जारी ताजा पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार यानी 31 जुलाई से लेकर एक अगस्त तक राज्य के तमाम हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश, बिजली कड़कने, झंझावत और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है. 

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मौसम विभाग ने अचानक जलभराव, निचले इलाकों में बाढ़ और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान को देखते हुए नागरिकों और किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है.
 
IMD की ओर से बताया गया कि अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन जिले में अति भारी बारिश, झंझावत, वज्रपात समेत तेज हवाएं चलने की आशंका है. इन जिलों में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. 

इसके अलावा, बड़वानी, देवास, आगर, मंदसौर, रायसेन, सिहोर, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है.

वहीं, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, छिंदवाड़ा, सिवनी, सागर, पांडुर्णा, अलीराजपुर, झाबुआ, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में वज्रपात और 30-50 किमी प्रति घंटा हवाएं चल सकती हैं. 

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मौसम विभाग की सलाह:-

बारिश और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे या कंक्रीट की दीवारों से टिककर आश्रय न लें.

कच्चे मकानों से दूर रहें और बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें.

जलभराव वाले निचले पुल-पुलियों या रपटों को पार करने की कोशिश न करें.

वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतें.

किसानों के लिए विशेष सलाह:-

फसलों में सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव को फिलहाल स्थगित कर दें.

खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि जड़ों को नुकसान न पहुंचे.

कटी हुई फसल, खाद व बीज को वॉटरप्रूफ तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थानों पर रखें.

बिजली चमकने या आंधी-तूफान के दौरान पशुओं को खुले में न बांधें और खेतों में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं.

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