मध्य प्रदेश के कटनी में पदस्थ सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है. विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कटनी के कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. मामले में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है.
कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है. यह मामला एक हत्या के आरोपी की बेशकीमती जमीन के सौदे से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि पद और रसूख का इस्तेमाल कर जमीन को कम कीमत में रजिस्ट्री करवाने के लिए दबाव बनाया गया.
शिकायत और विभागीय जांच में सामने आया कि सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक जमीन की कीमत 82 लाख 86 हजार रुपये थी. आरोप है कि इस जमीन की रजिस्ट्री महज 18 लाख 20 हजार रुपये में करवा ली गई. दस्तावेजों में 15 लाख रुपये चेक और 3.20 लाख रुपये नकद देना दर्शाया गया.
मामला कुठला थाना क्षेत्र का है. एक युवक की हत्या के मामले में आकाश लोधी को मुख्य आरोपी बनाया गया था. उसे गिरफ्तार किया गया था. बाद में डिफॉल्ट जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद आकाश लोधी ने जमीन के सौदे को लेकर गंभीर आरोप लगाए.
DSP नेहा पच्चीसिया पर FIR
आकाश लोधी का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद CSP नेहा पच्चीसिया ने उसके परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया. उसने दावा किया कि उसके पिता रमेश लोधी को दो दिन तक CSP के घर पर बैठाकर रखा गया. इसके बाद सरकारी वाहन से ग्राम कन्हवारा स्थित करीब 2.15 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई. आकाश लोधी के मुताबिक करीब 82 लाख रुपये गाइडलाइन कीमत वाली जमीन का सौदा 1 करोड़ 7 लाख रुपये में कराया गया था. आरोप है कि रजिस्ट्री के समय केवल 15 लाख रुपये का चेक दिया गया और बाकी 92 लाख रुपये सात दिन में देने का आश्वासन दिया गया.
आरोप के मुताबिक जब बाकी रकम नहीं मिली तो उसके पिता रमेश लोधी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की. उन्होंने जमीन के नामांतरण पर भी आपत्ति दर्ज कराई. इसके बाद रमेश लोधी और उनके दामाद को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने का आरोप लगाया गया. इस शिकायत के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया. शिकायत पर आईजी ने जांच की जिम्मेदारी जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और IPS अधिकारी अनु बेनीवाल को सौंपी. जांच में जमीन के सौदे और रकम के लेनदेन से जुड़े कई तथ्य सामने आने की बात कही गई.
जांच के दौरान यह बात सामने आने का दावा किया गया कि जमीन के क्रेता मारूफ अहमद हनफी के खाते में 15 लाख रुपये क्षितिज राज के खाते से ट्रांसफर किए गए. क्षितिज राज को नेहा पच्चीसिया का कथित पार्टनर और संबंधी बताया गया है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि रमेश लोधी जब एक आपराधिक मामले की जांच का सामना कर रहे थे, उसी दौरान उन पर जमीन औने-पौने दामों में बेचने का दबाव बनाया गया.
विभागीय जांच और शिकायतों के आधार पर अब कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने BNS की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है. DSP नेहा पच्चीसिया पहले भी शिकायतों और विवादों को लेकर सुर्खियों में रही हैं. वह एयर होस्टेस के तौर पर काम करने के बाद DSP बनी थीं. उनके खिलाफ शिकायतों की जांच एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की अवैध वसूली की शिकायत से शुरू हुई थी.
ट्रांसपोर्टर की शिकायत के बाद कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने कार्रवाई करते हुए CSP नेहा पच्चीसिया के ड्राइवर केशव सिंह को सस्पेंड कर दिया था. साथ ही CSP से तीन थानों का प्रभार भी वापस ले लिया गया था. इस मामले की जांच ASP कमल मौर्य को सौंपी गई थी. इसके बाद नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें और बढ़ीं. हत्या के एक मामले में समय सीमा के भीतर चालान पेश नहीं किए जाने के चलते हत्यारोपित को डिफॉल्ट बेल मिलने का मामला भी विभागीय जांच के दायरे में आया.
इस मामले में हत्यारोपित ने CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ न्यायालय में परिवाद भी पेश किया. इसमें आरोप लगाया गया कि केस में लाभ दिलाने के बदले उसकी जमीन को खुर्द-बुर्द कर बेहद कम कीमत पर बेचने का दबाव बनाया गया. एक के बाद एक शिकायतें सामने आने के बाद जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा के निर्देश पर मामलों की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक IPS अनु बेनीवाल को सौंपी गई. जांच के दौरान जमीन के सौदे, कथित दबाव और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं को देखा गया.
इसी जांच के बाद भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के निर्देश पर कटनी के कुठला थाने में FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने अब इस मामले में नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है. कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने FIR की पुष्टि की है. मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और सामने आए तथ्यों के आधार पर की जाएगी.
जमीन सौदे में रकम को लेकर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा आरोप यही है कि एक हत्या के आरोपी के परिवार पर दबाव बनाकर उसकी जमीन का सौदा कराया गया. विभागीय जांच में जमीन की कीमत, रजिस्ट्री और पैसों के लेनदेन से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद अब मामला आपराधिक जांच तक पहुंच गया है. फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है. जमीन के सौदे, कथित दबाव और बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी.
अमर ताम्रकार