23 दिन बाद लौटा चीता, बाघों के इलाके में घूम रहा था... टीम ने रेस्क्यू कर कूनो के खुले जंगल में छोड़ा

कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व तक पहुंचा चीता KAP-2 आखिरकार 23 दिन बाद लौट आया. बाघों के इलाके में घूम रहे इस चीते को वन विभाग की टीम ने ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया. फिर सुरक्षित तरीके से कूनो के खुले जंगल में छोड़ दिया. इंसानी आबादी के करीब पहुंचने के बाद वन विभाग ने सुरक्षा को देखते हुए यह ऑपरेशन चलाया.

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कूनो नेशनल पार्क से रणथंभौर टाइगर रिजर्व पहुंच गया था चीता. (Photo: ITG) कूनो नेशनल पार्क से रणथंभौर टाइगर रिजर्व पहुंच गया था चीता. (Photo: ITG)

खेमराज दुबे

  • श्योपुर,
  • 10 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:26 PM IST

मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व तक पहुंचा चीता KAP-2 आखिरकार 23 दिन बाद लौट आया. बाघों के इलाके में लगातार घूम रहे इस चीते को वन विभाग की टीम ने ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया. फिर सुरक्षित तरीके से कूनो नेशनल पार्क लाकर खुले जंगल में छोड़ दिया.

दरअसल, कूनो के खुले जंगल में घूम रहे चीते अक्सर अपनी नई टेरिटरी की तलाश में लंबी दूरी तय कर लेते हैं. इसी दौरान नर चीता KAP-2, जिसे अब KAP-12 नाम दिया गया है, अप्रैल में कूनो का इलाका पार कर राजस्थान के कोटा जिले के इटावा इलाके तक पहुंच गया था. वहां से आगे बढ़ते हुए वह रणथंभौर टाइगर रिजर्व के सवाई माधोपुर क्षेत्र में जा पहुंचा और पिछले 23 दिनों से फलौदी रेंज के जंगलों में डेरा डाले हुए था.

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चीते की निगरानी कूनो और रणथंभौर की टीमें कर रही थीं, लेकिन हाल के दिनों में उसके मानव आबादी वाले इलाकों के करीब पहुंचने की वजह से वन विभाग ने उसे वापस लाने का फैसला किया. शुक्रवार की सुबह प्रोजेक्ट चीता के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा के नेतृत्व में कूनो की टीम रणथंभौर पहुंची. राजस्थान वन विभाग की मदद से फलौदी रेंज के काला कुआं क्षेत्र में करीब दो घंटे के ऑपरेशन के बाद चीते को ट्रैंकुलाइज किया गया.

यह भी पढ़ें: धौलपुर: कूनो से निकलकर राजस्थान पहुंचा चीता, दो दिन में दो मवेशियों का किया शिकार, वन विभाग अलर्ट मोड पर

रेस्क्यू के बाद चीते को विशेष बॉक्स में सुरक्षित रखा गया और फिर सड़क मार्ग से वापस कूनो नेशनल पार्क लाया गया. यहां स्वास्थ्य जांच के बाद उसे फिर खुले जंगल में छोड़ दिया गया. प्रोजेक्ट चीता के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में चीता मानव बहुल क्षेत्र में पहुंच गया था. ऐसे में स्थानीय आबादी और चीते दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू का फैसला लिया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान में राजस्थान वन विभाग का पूरा सहयोग मिला.

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पिछले 43 दिनों में यह दूसरा मौका है, जब KAP-2 को राजस्थान से रेस्क्यू कर वापस कूनो लाया गया है. इससे पहले 27 मार्च 2026 को भी कोटा के इटावा क्षेत्र के निमोदा उजाड़ गांव के पास से उसे ट्रैंकुलाइज कर वापस लाया गया था. तब भी उसे खुले जंगल में छोड़ा गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही उसने फिर राजस्थान का रुख कर लिया. कूनो प्रबंधन के लिए यह घटना एक बार फिर चुनौती बनकर सामने आई है, क्योंकि खुले जंगल में छोड़े गए चीते लगातार अपनी नई टेरिटरी की तलाश में दूर-दूर तक निकल रहे हैं. वन विभाग अब उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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