बुलडोजर है बड़े काम का: भंडारे में तैयार कर रहा सब्जी, मिक्सर मशीन बना रही मालपुआ घोल; दो शिफ्ट में काम कर रहे 800 हलवाई

Bhind Dandraua Dham: पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख से शिव महापुराण कथा को सुनने के लिए प्रतिदिन भिंड के दंदरौआ धाम पर 2 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इन श्रद्धालुओं के लिए भंडारा तैयार करने के लिए 800 हलवाइयों को काम पर लगाया गया है. इन हलवाइयों में 500 पुरुष हलवाई और 300 महिला हलवाई शामिल हैं. भंडारे में प्रतिदिन खीर, पूरी, बूंदी, सब्जी और मालपुआ तैयार किए जाते हैं. 

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JCB से तैयार होती सब्जी, मिक्सर मशीन से बनते मालपुआ. JCB से तैयार होती सब्जी, मिक्सर मशीन से बनते मालपुआ.

हेमंत शर्मा

  • भिंड ,
  • 30 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST

Bhind News: एक तरफ जेसीबी की मदद से सब्जी तैयार की जा रही है, दूसरी तरफ सीमेंट कंक्रीट मिक्सर से मालपुआ का गोल बनाया जा रहा है. 40 भट्टियां एक लाइन में धधक रही हैं और इन भट्टियों पर 800 हलवाई विशाल भंडारा बनाने का काम कर रहे हैं. यह नजारा देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे, क्योंकि यह विशाल भंडारा उन लाखों लोगों के लिए प्रतिदिन तैयार किया जा रहा है जो मध्य प्रदेश के भिंड जिले स्थित दंदरौआ धाम आयोजित धार्मिक आयोजन का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं. 

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'डॉक्टर हनुमान' के नाम से प्रसिद्ध दंदरौआ धाम मंदिर पर 'सिय-पिय मिलन' महोत्सव का आयोजन हो रहा है. हर साल होने वाले इस महोत्सव में इस बार कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी आए हुए हैं.  पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख से शिव महापुराण कथा को सुनने के लिए प्रतिदिन यहां 2 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इन श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसादी का इंतजाम भी दंदरौआ धाम में किया गया है. प्रतिदिन यहां 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है. 

40 भट्टियां और 800 हलवाई

इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए भंडारा तैयार करने के लिए यहां 800 हलवाइयों को काम पर लगाया गया है. भंडारा तैयार करने के लिए दंदरौआ धाम में 40 भट्टियों को बनाया गया है. इन भट्टियों पर दिनभर 800 हलवाई दो शिफ्ट में भोजन बनाने का काम कर रहे हैं. इन हलवाइयों में 500 पुरुष हलवाई और 300 महिला हलवाई शामिल हैं. भंडारे में प्रतिदिन खीर, पूरी, बूंदी, सब्जी और मालपुआ तैयार किए जाते हैं. 

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भट्टियों पर मालपुए बनाते हुए हलवाई. (फोटो:aajtak)

100 क्विंटल आटे के मालपुए

दंदरौआ धाम से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन दंदरौआ धाम पर भंडारे के लिए 100 क्विंटल आटे के मालपुए बनाए जा रहे हैं. मालपुआ बनाने के लिए पहले आटे का घोल तैयार किया जाता है और इसके लिए सीमेंट कंक्रीट मिक्सर मशीन का उपयोग किया जा रहा है. यहां सेवा कर रहे सेवक आटे से भरी बोरी को सीमेंट कंक्रीट मिक्सर में उड़ेल देते हैं और फिर सीमेंट कंक्रीट मिक्सर की मदद से मालपुआ के लिए घोल तैयार किया जाता है.

मशीन से आटा गूंथने में लगे लोग. (फोटो:aajtak)

खीर के लिए 4 हजार लीटर दूध
 

इसके साथ ही यहां खीर बनाने के लिए प्रतिदिन 4000 लीटर दूध का भी उपयोग किया जा रहा है. आसपास के गांव से इस दूध का इंतजाम हो रहा है.

सब्जी के लिए बुलडोजर 
 

सब्जी बनाने के लिए तीन बड़ी कढ़ाई में जेसीबी की मदद से भंडारे के लिए सब्जी तैयार हो रही है. यहां दो कढ़ाई में 2000 किलो और तीसरी कढ़ाई में 1200 किलो सब्जी एक बार में तैयार हो जाती है. जब कढ़ाई में सब्जी तैयार हो जाती है तो जेसीबी की मदद से तैयार हुई सब्जी को कढ़ाई से निकलने का काम किया जाता है. एक बार में तकरीबन 30000 लोगों के लिए तीन कढ़ाई में सब्जी तैयार की जाती है.

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600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात 

28 नवंबर से शुरू हुआ यह 'सिय पिय मिलन' महोत्सव 2 दिसंबर तक जारी रहेगा. इस महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 600 से अधिक पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा दंदरौआ धाम पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी किसी भी स्थिति के निपटने के लिए तैयार हैं.

धीरेंद्र शास्त्री भी आ चुके दंदरौआ धाम
 

पिछले साल यहां पर सिय पिय मिलन महोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री आए थे और यहां उन्होंने राम कथा वाचन के साथ दिव्य दरबार भी लगाया था. उस दौरान भी इसी तरह के विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था.

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