क्या आप भी ऑफिस में 8 घंटे लगातार बैठते हैं? कहीं 30 में ही बूढ़ी न हो जाएं आपकी हड्डियां, तुरंत बदलें ये एक आदत

क्या आप भी ऑफिस में 8 घंटे लगातार बैठते हैं और आपको अपनी पीठ या कमर में दर्द महसूस होता है तो यहां हम आपको कुछ ऐसी गलतियां बता रहे हैं जो आपके इस दर्द का कारण हैं और वो कोई और नहीं बल्कि आपका बैठने का तरीका है.

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बैठते समय शरीर की स्थिति या पोस्चर क्यों जरूरी है? (Photo: ITG) बैठते समय शरीर की स्थिति या पोस्चर क्यों जरूरी है? (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:06 PM IST

ऑफिस की 9 से 10 घंटे की शिफ्ट, लगातार कई घंटों तक स्क्रीन के सामने एक ही जगह बैठे रहना और डेडलाइन्स के प्रेशर में हम यह ध्यान ही नहीं देते कि कब हम कुर्सी पर तिरछे हो गए, कब हमारी पीठ झुक गई या कब हमारी गर्दन मॉनिटर के बेहद करीब आ गई. दिखने में ये बहुत मामूली गलतियां लगती हैं, लेकिन रोजाना 9-10 घंटे तक गलत पोश्चर में रहने से आपका शरीर अंदर ही अंदर खोखला हो रहा है.

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शुरुआती दिनों में महसूस होने वाला यह हल्का सा पीठ या गर्दन का दर्द आगे चलकर क्रोनिक बैक पेन, स्लिप डिस्क, कम उम्र में स्पॉन्डिलाइटिस और धीमे मेटाबॉलिज्म जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है. आइए जानते हैं कि ऑफिस में बैठते समय हम रोज कौन सी बड़ी गलतियाँ करते हैं और उनका हमारे शरीर पर क्या और कितना खतरनाक असर हो रहा है.

दिनभर ऑफिस में डेस्क पर लगातार बैठे रहने का सीधा असर हमारी सेहत और वर्क परफॉर्मेंस पर पड़ता है. अक्सर हम काम की धुन में अपनी बॉडी पोश्चर (बैठने के तरीके) पर ध्यान नहीं देते जिससे शरीर को भारी नुकसान पहुंचता है. ऑफिस में बैठते समय आपको किन बड़ी गलतियों से बचना चाहिए और उनका आपके शरीर पर क्या असर होता है, आइए इसे समझते हैं.

1. कंप्यूटर स्क्रीन की तरफ गर्दन झुकाकर बैठना 
गलती: स्क्रीन का आंखों के लेवल से नीचे होना, जिससे काम करते समय गर्दन को आगे या नीचे की तरफ झुका कर रखना पड़ता है.

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शरीर पर असर: हमारी गर्दन पर सिर का सामान्य वजन करीब 5 किलो होता है, लेकिन आगे झुकने पर यह दबाव बढ़कर 20 से 25 किलो तक हो सकता है. इससे सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन के छल्लों) पर दबाव बढ़ता है, जिससे गर्दन, कंधों में गंभीर दर्द और आगे चलकर स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या हो सकती है.

2. कुर्सी पर आगे की तरफ झुकना या रीढ़ की हड्डी को मोड़ना 
गलती: कुर्सी की पीठ (Backrest) का सहारा न लेकर रीढ़ की हड्डी को धनुष की तरह मोड़कर बैठना.

शरीर पर असर: इससे रीढ़ की हड्डी के नेचुरल 'S' कर्व पर गलत दबाव पड़ता है. लोअर बैक (पीठ के निचले हिस्से) की मांसपेशियां खिंच जाती हैं, जिससे क्रोनिक बैक पेन (लगातार रहने वाला कमर दर्द) और स्लिप डिस्क का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही फेफड़ों को सिकुड़ने के कारण भरपूर ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे जल्दी थकान होने लगती है.

3. लगातार कई घंटों तक बिना ब्रेक के बैठे रहना
गलती: बिना हिले-डुले लगातार 3-4 घंटे तक एक ही जगह बैठे रहना.

शरीर पर असर: इसे सिटिंग डिजीज भी कहा जाता है. लगातार बैठे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. इससे शरीर में फैट जमा होने लगता है, ब्लड शुगर बढ़ता है और दिल की बीमारियों का खतरा 147% तक बढ़ जाता है. पैरों में ब्लड सर्कुलेशन धीमा होने से सूजन या वैरिकोज वेन्स की समस्या भी हो सकती है.

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4. पैरों को क्रॉस करके बैठना
गलती: एक पैर के ऊपर दूसरा पैर चढ़ाकर लंबे समय तक बैठना.

शरीर पर असर: इस पोजीशन में बैठने से पेल्विस (कमर का निचला हिस्सा) असंतुलित हो जाता है. इससे रीढ़ की हड्डी और नसों पर एकतरफा दबाव पड़ता है. यह आदत आपके ब्लड प्रेशर को अस्थायी रूप से बढ़ा सकती है और पैरों की नसों में रक्त के प्रवाह को रोकती है.

सही पोश्चर क्या है? 

आंखों का लेवल: मॉनिटर का ऊपरी हिस्सा आपकी आंखों के ठीक सामने होना चाहिए, ताकि गर्दन न झुकानी पड़े.

90-डिग्री का नियम: बैठते समय आपकी कोहनी, कमर और घुटने तीनों 90 डिग्री के एंगल पर होने चाहिए.

पैरों की पोजीशन: दोनों पैर जमीन पर सीधे और सपाट टिके होने चाहिए.

20-20-20 नियम: स्क्रीन से आंखों के तनाव को बचाने के लिए हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें. साथ ही हर 1 घंटे में 2 मिनट का वॉक-ब्रेक लें.

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